कटनी – वित्तीय वर्ष समाप्ति के शेष बचे 52 दिवसों में निगम के बकाया करों की वसूली कर निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु नगर निगम का राजस्व अहमला बकाया करों की वसूली हेतु पूर्ण रूप से सक्रिय हो गया है। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार के निर्देश पर जहां एक ओर वार्डो में शिविरों के आयोजन तथा अवकाश के दिनों में भी निगम कार्यालय के टैक्स काउंटर खोल रखे जाकर नागरिकों को बकाया करो को जमा करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। वहीं दूसरी ओर निगम की राजस्व वसूली हेतु गठित दल के अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा वार्डवार डोर-टू-डोर पहुंचकर बकायेदारों से संपर्क किया जाकर शेष करों की बकाया राशि को जमा कराने के प्रयास किये जा रहे है।राजस्व अधिकारी जागेश्वर प्रसाद पाठक ने बताया कि बकाया करों की वसूली एवं नागरिकों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए शनिवार को अवकाश के दिन भी निगम कार्यालय सहित समस्त जोन कार्यालयों के साथ-साथ शिविरों के तहत सुभाष चौक एवं मंगल नगर गेट के पास स्थित काउंटर खोले जाकर नागरिकों को बकाया करों को जमा करने की सुविधा प्रदान की गई। वहीं दूसरी ओर गठित दल द्वारा बकायेदारों से संपर्क किया जाकर बकाया करों की राशि की जानकारी देकर संपत्तिकर, जलकर,दुकान किराया सहित अन्य निगम करों की राशि निगम कोष में जमा कराने की कार्यवाही की गई।
रविवार को भी नागरिक गण जमा कर सकेंगे बकाया कर
राजस्व अधिकारी श्री पाठक ने बताया कि नागरिकों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए रविवार को अवकाश के दिन भी नगर निगम कार्यालय का कक्ष क्रमांक 37 सहित जोन कार्यालय के साथ रोशन नगर स्थित परोहा मार्केट तथा मंगल नगर गेट के पास सहित इंदिरा नगर चैराहा में आयोजित शिविर के काउंटर में पहुंचकर नागरिकों बकाया करों संपत्ति कर, जलकर एवं निगम के अन्य बकाया करों की राशि का भुगतान कर सकते है।
वसूली की समीक्षा
निगमायुक्त सुश्री परिहार के निर्देश पर राजस्व अधिकारी श्री पाठक द्वारा शनिवार शाम वूसली कार्य की समीक्षा की जाकर गठित दल के अधिकारी एवं कर्मचारियों को वसूली के प्रतिदिन के आंकड़ों मे सुधार लानें हेतु वार्ड से प्रत्येक बकायादारों से संपर्क कर वसूली निगम कोष में जमा करानें के निर्देश दिए। श्री पाठक नें बताया कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति को दृष्टिगत रखते हुए बड़े बकायादारों के नामों की सूची तैयार की जाकर बकायादारों से बकाया राशि जमा करानें के प्रयासों के साथ नोटिस, कुर्की वारंट एवं बड़े बकायादारों के नाम सार्वजनिक करनें की कार्यवाही भी प्रक्रिया है। नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचने हेतु निगम कार्यालय अथवा शिविर स्थलों मे पहुंचकर अपने बकाया करों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करें और नगर विकास में सहभागी बनें।









