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अवैध कॉलोनी निर्माण के प्रकरणों पर निगम प्रशासन ने अपनाया सख्त रुख वार्ड क्रमांक 45, अमीरगंज में अवैध कालोनी की निर्मित संरचनाओं पर चली जेसीबी तीन कॉलोनाइजरों पर प्राथमिकी दर्ज करने थाना प्रभारी कोतवाली एवं माधव नगर को पत्र प्रेषित

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कटनी  –  निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार द्वारा सोमवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में अवैध कालोनी निर्माण के प्रकरणों में सख्त कार्यवाही किये जाने के अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के फलस्वरूप निगम के कालोनी सेल एवं अतिक्रमण अमले द्वारा मंगलवार प्रातः जहां एक ओर अमीरगंज के एक अवैध कॉलोनी के प्रकरण में निर्मित संरचाओं को हटानें की कार्यवाही की गई वहीं दोपहर को अनाधिकृत कॉलोनी के निर्माण के तीन प्रकरणों पर कॉलोनाइजर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने हेतु थाना प्रभारी कोतवाली एवं माधव नगर में पत्र प्रेषित किया गया।

अमीरगंज में निर्माणाधीन संरचनाओं को किया अलग

नगर निगम सीमान्तर्गत रविन्द्र नाथ टैगोर वार्ड में अमीर गंज के पास अवैध कॉलोनी निर्माण किये जाने की शिकायत पर गठित संयुक्त टीम द्वारा मंगलवार को स्थल निरीक्षण के दौरान संबंधित कॉलोनी में विकास कार्य एवं निर्माण बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से कराया जाना पाया गया, जो कि नगर निगम नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। कार्यपालन यंत्री अंशुमान सिंह ने बताया कि पूर्व में भी प्राप्त शिकायत पर संबंधित कॉलोनाइजर को नोटिस जारी कर संबंधित पक्ष को वैधानिक अनुमति प्रस्तुत करने एवं निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे, किन्तु निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं पाये जाने एवं निर्माण कार्य होने की पुनः शिकायत प्राप्त होने पर स्थल निर्मित कराये जा रहे कच्चे मार्ग निर्माण को जे.सी.बी मशीन से अलग करने की कार्यवाही की गई। कार्रवाई के दौरान कार्यपालन यंत्री अंशुमान सिंह, उपयंत्री जेपी सिंह बघेल, अतिक्रमण प्रभारी मानेंद्र सिंह सहित कॉलोनी सेल एवं अतिक्रमण अमला एवं तकनीकी टीम उपस्थित रही।

तीन कॉलोनाइजर पर प्राथमिकी दर्ज करने पत्र प्रेषित

प्राधिकृत अधिकारी कालोनी सेल एवं कार्यपालन यंत्री अंशुमान सिंह ने बताया कि अवैध काॅलोनी निर्माण करने पर मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292 एवं (मध्यप्रदेश कालोनी विकास नियम 2021) के तहत मंगलवार को तीन कालोनाइजर पर प्राथमिकी दर्ज करनें हेतु थाना प्रभारी कोतवाली एवं माधवनगर को पत्र प्रेषित किया गया है। जिसमें कोतवाली थाना को प्रेषित दो पत्रों में सावरकर वार्ड अंतर्गत खसरा नंबर 607/8क, 607/5, 603, 605, 606/1, तथा 606/2 कुल रकवा लगभग 1.50 एकड़ भूमि में भू-स्वामी द्वारा लगभग 200 मीटर लंबी सड़क मलमा तथा डस्ट डालकर अवैध काॅलानी का निर्माण किया जाना पाया गया। वहीं एक अन्य प्रकरण में जगमोहन दास वार्ड चडडा काॅलेज के पीछे खसरा नंबर  462/7, 463/19 एवं 464/5 कुल रकवा 0.633 हेक्टेयर भूमि में अनाधिकृत कालोनी का निर्माण किया जाना पाया गया जो मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम 292-ग के तहत दंडनीय अपराध श्री श्रेणी मे आता है।वहीं एक अन्य प्रकरण में थाना माधवनगर को प्राथमिकी दर्ज करने हेतु प्रेषित पत्र में उल्लेखित किया गया है कि विश्राम बाबा वार्ड अंतर्गत खसरा नंबर 1401/2/1, 1401/2 भूमि पर भू-स्वामी द्वारा छोटे-छोटे भूखंड काटकर अवैध कालोनी का निर्माण किया जाना पाया गया, जो मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292 एवं मध्य प्रदेश (कॉलोनी विकास नियम 2021) के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।निगमायुक्त सुश्री परिहार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि शहर में अवैध कॉलोनियों का विकास एवं अनधिकृत निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे प्रकरणों में निरंतर अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नागरिकों से अपील

निगम प्रशासन ने काॅलोनाइजरों से जहां निगम से विधिवत स्वीकृति प्राप्त कर ही निर्माण कार्य प्रारंभ करनें की बात कही है वही आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट या संपत्ति क्रय करने से पूर्व उसकी वैधानिक स्वीकृति, लेआउट अनुमोदन एवं मूलभूत अधोसंरचना की स्थिति की विधिवत जांच अवश्य करें। अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से भविष्य में कानूनी जटिलताओं, निर्माण प्रतिबंधों तथा मूलभूत सुविधाओं से संबंधित गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।


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