कटनी – जिले के नवीन भवनों में संचालित होने वाले सांदीपनि विद्यालयों में आसपास के शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के समायोजन के मध्यप्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बहोरीबंद में चार तथा शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रीठी में एक शासकीय विद्यालय को सम्मिलित करने का आदेश जारी किया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य सांदीपनि विद्यालयों में आकांक्षी नामांकन के आधार पर आसपास के 2 से 3 किलोमीटर क्षेत्र में संचालित शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक संसाधन एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना है। साथ ही विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर शिक्षकीय व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।जारी आदेश के अनुसार सम्मिलित किए गए प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में नामांकित सभी विद्यार्थियों को संबंधित सांदीपनि विद्यालय में नामांकित किया जाएगा। वहीं इन विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों को भी आगामी आदेश तक संबंधित सांदीपनि विद्यालय में कार्य करने की अनुमति दी गई है। सांदीपनि विद्यालयों का संचालन कक्षा 1 से 12वीं तक नवीन भवनों में किया जाएगा।
बहोरीबंद के सांदीपनि विद्यालय में चार विद्यालय सम्मिलित
शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बहोरीबंद में आसपास के चार शासकीय विद्यालयों को सम्मिलित किया गया है। इनमें शासकीय एकीकृत कन्या माध्यमिक शाला बहोरीबंद, शासकीय प्राथमिक शाला मोहनिया, शासकीय प्राथमिक शाला सिंदुरसी एवं शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला सिमरापटी शामिल हैं। इन विद्यालयों के समायोजन के बाद सांदीपनि विद्यालय बहोरीबंद का कुल विद्यार्थी नामांकन 863 से बढ़कर 1247 हो जाएगा। वहीं शिक्षकों की संख्या 37 से बढ़कर 50 हो जाएगी। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक संसाधनों एवं अध्ययन वातावरण का लाभ मिलेगा।
रीठी के कन्या हाईस्कूल का भी सांदीपनि विद्यालय में समायोजन
रीठी में कक्षा 9वीं से 12वीं तक आकांक्षी नामांकन कम होने के कारण शासकीय कन्या हाईस्कूल रीठी को शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रीठी में सम्मिलित किया गया है।इसके बाद सांदीपनि विद्यालय रीठी में कुल विद्यार्थी नामांकन 1138 से बढ़कर 1343 हो जाएगा, जबकि शिक्षकों की संख्या 52 से बढ़कर 60 हो जाएगी। इस समायोजन से विद्यार्थियों को सांदीपनि विद्यालय में उपलब्ध बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा तथा बढ़े हुए नामांकन के अनुरूप शिक्षकीय व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।


