कटनी – गांव में जिस जमीन पर परिवार वर्षों से रह रहा है, अब उस भूखण्ड के स्वामित्व को भी विधिवत अभिलेख में दर्ज कराने का अवसर मिलने जा रहा है। राज्य शासन की “स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026” योजना के तहत कटनी जिले में 17 सितंबर से विशेष कार्यवाही शुरू होगी। योजना का लाभ जिले के लगभग 1 लाख 5 हजार आबादी भूखण्ड धारकों को मिलेगा।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने बताया कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख मिलने से ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति की कानूनी पहचान और प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध होगा। यह दस्तावेज भविष्य में शासकीय कार्यों के साथ-साथ, पात्रता एवं बैंकिंग नियमों के अधीन, वित्तीय आवश्यकताओं में भी उपयोगी साबित हो सकता है।
कलेक्टर ने कहा कि पंजीयन के लिए नागरिकों से स्टाम्प ड्यूटी अथवा पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसकी संपूर्ण राशि शासन द्वारा वहन की जाएगी।
योजना के अंतर्गत हितग्राहियों की संपत्ति के आधार पर सुगमता से ऋण उपलब्ध कराने के लिए निर्मित निजी अधिकार अभिलेखों का पंजीयन किया जाएगा। पंजीयन के बाद नागरिक गृह निर्माण, व्यवसाय, कृषि एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए ऋण प्राप्त कर सकेंगे। इससे उनकी आजीविका एवं आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। अभियान की सफलता के लिए जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को भी इससे जोड़ा जाएगा।
पंचायत स्तर पर तीन चरणों में लगेंगे विशेष शिविर
प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए ग्राम एवं पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर श्री तिवारी के निर्देश पर पंचायतवार ये शिविर तीन चरणों में आयोजित होंगे। प्रथम चरण 17 से 19 सितंबर, द्वितीय चरण 24 से 26 सितंबर और तृतीय चरण 1 से 3 अक्टूबर तक होगा। शिविर की सूचना संबंधित पंचायतों द्वारा हितग्राहियों को दी जाएगी।
आवेदन के लिए हितग्राही के आबादी भूखंड की लैंड लिंकिंग तथा आवेदक की समग्र आईडी से ई-केवाईसी अनिवार्य होगी। आवेदन प्रक्रिया ‘सारा’ मोबाइल एप के माध्यम से संचालित होगी। ‘संपदा’ एप पर पंजीयन अधिकारी द्वारा विलेख (रजिस्ट्री) का पंजीयन किया जाएगा। संबंधित प्रक्रिया में भूलेख एप/पोर्टल के माध्यम से भूमि स्वामी की आधार ई-केवाईसी एवं लैंड लिंकिंग की कार्यवाही की जाएगी।साथ ही ‘सारा’ एप पर निष्पादन और ‘संपदा’ एप पर पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर पूरी होगी पंजीयन प्रक्रिया
योजना के क्रियान्वयन के लिए शासन द्वारा पटवारी को निष्पादन अधिकारी तथा तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पीसीओ एवं एडीईओ को पंजीयन अधिकारी नियुक्त किया गया है। इससे पंजीयन प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर ही पूरी की जा सकेगी। पंजीयन पूर्ण होने के बाद पंजीयन विलेख हितग्राही के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
जिला स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग एवं मैदानी समीक्षा की जाएगी, जिससे अभियान निर्धारित समय-सीमा में पूरा हो सके।
ग्रामीण नागरिकों को मिलेगा संपत्ति का सुदृढ़ दस्तावेजी अधिकार
स्वामित्व योजना के अंतर्गत तैयार अधिकार अभिलेखों के निःशुल्क पंजीयन का निर्णय लेने वाला मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य है। राज्य सरकार की यह पहल ग्रामीण नागरिकों को संपत्ति का सुदृढ़ दस्तावेजी अधिकार देने के साथ वित्तीय समावेशन, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगी। इसका लाभ आगामी वर्षों में लाखों हितग्राहियों को प्राप्त होगा।


