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पेयजल योजनाओं का तकनीकी परीक्षण कर ग्राम पंचायतों को सौंपा जाए : जिला पंचायत सीईओ डब्‍ल्‍यूएएसएच समन्वय बैठक: योजनाओं के संधारण, बिजली बिल भुगतान और जलकर वसूली को लेकर दिए सख्त निर्देश

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जबलपुर,
जिला पंचायत सभाकक्ष में मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अध्यक्षता में वॉश (जल, स्वच्छता एवं
साफ-सफाई) समन्वय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी
विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जल निगम के वरिष्ठ अधिकारियों सहित जिला व जनपद स्तरीय वॉश
समन्वयक और उपयंत्री उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित सिंगल विलेज स्कीम
और नल से जल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार तक सुचारू एवं नियमित पेयजल आपूर्ति
सुनिश्चित करना था।

समीक्षा के दौरान सीईओ ने निर्देश दिए कि निर्मित सभी पेयजल योजनाओं का पीएचई और
आरईएस के उपयंत्रियों द्वारा संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण कर तकनीकी परीक्षण किया जाए। तकनीकी
रूप से सही पाए जाने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत इन योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित
किया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर इनका सुगम संचालन हो सके। योजनाओं के रखरखाव व छोटे-मोटे
मरम्मत कार्यों के लिए पंचायतों को 16वें वित्त आयोग के टाइड फंड का उपयोग करने की छूट दी गई है।
इसके साथ ही पेयजल आपूर्ति में बाधा न आए, इसके लिए बिजली बिलों का समय पर भुगतान करने के
निर्देश दिए गए।
बैठक में जलकर संग्रह को पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया। सीईओ ने
स्पष्ट किया कि हर घर से नियमानुसार जलकर की वसूली की जाए और इस पूरी प्रक्रिया को पीआरडी
पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाए, जिससे पंचायतों की स्थानीय आय में वृद्धि हो सके।
समीक्षा के दौरान जिले की उन 45 ग्राम पंचायतों के अधिकारियों से सीधी चर्चा की गई, जहाँ
जलकर संग्रह की स्थिति चिंताजनक थी। उन्हें कम वसूली के कारणों को दूर कर जल्द से जल्द व्यवस्था
में सुधार लाने और वसूली बढ़ाने की कड़ी चेतावनी दी गई। अंत में सीईओ ने कहा कि हर घर तक
शुद्ध पेयजल पहुँचाना सभी संबंधित विभागों और पंचायतों की साझा जिम्मेदारी है, जिसे आपसी
समन्वय से ही हासिल किया जा सकता है।

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