कटनी – कलेक्टर श्री आशीष तिवारी की अध्यक्षता में सोमवार को जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक एवं धूम्ररहित तम्बाकू पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी), कोटपा-2003 तथा सार्वजनिक स्थलों को तम्बाकू मुक्त बनाने के संबंध में चर्चा की गई।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर, अपर कलेक्टर श्री नीलाम्बर मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह ठाकुर, सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा, जिला नोडल अधिकारी-एनटीसीपी डॉ. चांदनी रिमझा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
धूम्ररहित तम्बाकू जानलेवा है विषय पर आईईसी सामग्री जारी
कार्यशाला के दौरान धूम्ररहित तम्बाकू के दुष्प्रभावों, कानूनी प्रावधानों एवं तम्बाकू नियंत्रण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से “धूम्ररहित तम्बाकू जानलेवा है” विषय पर तैयार आईईसी सामग्री का विमोचन किया गया। इसके माध्यम से आमजन को धूम्ररहित तम्बाकू से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों तथा तम्बाकू नियंत्रण संबंधी कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी।
कोटपा-2003 के प्रावधानों की दी जानकारी
एमपीवीएचए के संभागीय समन्वयक श्री रोहित पालीवाल ने तम्बाकू नियंत्रण कानून एवं सार्वजनिक स्थलों को तम्बाकू मुक्त बनाने के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कोटपा-2003 की धारा 5 के तहत तम्बाकू उत्पादों के विज्ञापन एवं प्रचार पर प्रतिबंध, धारा 6(अ) के तहत 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध तथा धारा 6(ब) के तहत शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध की जानकारी दी।
उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से संबंधित नगर निगम एवं नगरपालिका प्रावधानों तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत खाद्य उत्पादों में तम्बाकू एवं निकोटीन के उपयोग पर प्रतिबंध की जानकारी भी दी। साथ ही तम्बाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान एवं तम्बाकू मुक्त गांव विकसित करने के लिए भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश एवं एसओपी से अवगत कराया।
तम्बाकू छोड़ने के लिए उपलब्ध सेवाओं की दी जानकारी
जिला नोडल अधिकारी-एनटीसीपी डॉ. चांदनी रिमझा ने टोबेको सीजेशन सेंटर के माध्यम से तम्बाकू सेवन करने वाले व्यक्तियों को उपलब्ध परामर्श एवं तम्बाकू छोड़ने की सेवाओं की जानकारी दी।
कलेक्टर श्री तिवारी ने सभी विभागों को तम्बाकू नियंत्रण कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा उल्लंघन पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग को तम्बाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान तथा पंचायत विभाग को तम्बाकू मुक्त गांव विकसित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर कार्य करने के निर्देश दिए।


