Home इंदौर सरकारी योजनाओं की नियमित समीक्षा करें-कलेक्‍टर श्री सिंह

सरकारी योजनाओं की नियमित समीक्षा करें-कलेक्‍टर श्री सिंह

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जबलपुर, राज्‍य शासन द्वारा प्रतिमाह कलेक्‍टर कांफ्रेंस के माध्‍यम से विभिन्‍न विभागों के चिन्हित विषयों पर प्रगति की समीक्षा की जाती है। उसी के तारतम्‍य में जिला स्‍तर पर भी प्रतिमाह विभागवार चयनित विषयों की बैठके की जाती है। जिले में उक्‍त विषयों पर बेहतर प्रगति तथा जमीनी स्‍तर से फीडबैक लेने के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व की अध्‍यक्षता में उपखंड, ब्‍लॉक स्‍तर पर निर्धारित समय-सीमा पर भी बैठकें आयोजित होती रहें। इसके लिए उपखंड व ब्‍लॉक स्‍तरीय बैठकों के कैलेंडर भी जारी किया गया है। बैठक में मुख्‍य रूप से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, स्वास्थ्य एवं पोषण, रोजगार-उद्योग एवं निवेश, नगरीय विकास, शिक्षा, ग्रामीण विकास एवं जनजातीय कार्य विभाग सहित अन्य विषयों की बिंदुवार समीक्षा की जाएगी, ताकि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक सुनिश्चित किया जा सके। समीक्षा बैठकों में कृषि क्षेत्र के अंतर्गत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, सोयाबीन भावांतर योजना की प्रगति, किसानों को खाद वितरण की स्थिति तथा पराली/नरवाई जलाने की घटनाओं पर नियंत्रण की समीक्षा की जाएगी। साथ ही ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई का विस्तार, उद्यानिकी फसलों के क्लस्टर
विकास, धार्मिक क्षेत्रों में फूलों की खेती को प्रोत्साहन तथा फूड प्रोसेसिंग एवं कृषि आधारित रोजगार सृजन की योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा होगी। पशुपालन में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के क्रियान्वयन, गौशालाओं की संख्या वृद्धि तथा मत्स्य पालन में आधुनिक तकनीक के उपयोग की प्रगति का भी आकलन किया जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला पोषण समिति की नियमित बैठक आयोजन, गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान एवं उपचार तथा मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम अंतर्गत पंजीयन एवं सुधार की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। गर्भवती महिलाओं में एनीमिया प्रबंधन, सिकल सेल जांच, टीबी स्क्रीनिंग, निक्षय पोषण वितरण तथा नवजात शिशु देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शत-प्रतिशत बाल मृत्यु समीक्षा, पीआईसीयू प्रबंधन, आयुष्मान भारत योजना, वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित योजनाएं तथा पात्र
हितग्राहियों को स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। रोजगार सृजन हेतु प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की प्रगति, जिला स्तरीय कौशल विकास समिति की बैठकों का आयोजन, एक जिला एक उत्पाद के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा, डीएलसीसी एवं डीएलआरसी की नियमित बैठकें तथा स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति एवं बैंक ऋण वितरण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
नगरीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराना, स्वच्छ भारत मिशन का क्रियान्वयन, अमृत 2.0 योजना की प्रगति तथा पीएम स्वनिधि योजना, नगरीय क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण, अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण, नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत वायु प्रदूषण नियंत्रण, नर्मदा परिक्रमा पथ व सीवरेज आदि के साथ नगरीय अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की प्रगति का भी आकलन किया जाएगा। शिक्षा क्षेत्र में 6-14 आयु वर्ग के बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना, ड्रॉपआउट दर में कमी लाना तथा एजुकेशन पोर्टल 3.0 में पंजीयन की प्रगति देखी जाएगी। कक्षा 5 से 6 में ट्रांजिशन को सुगम बनाना, आंगनवाड़ी से स्कूल लिंक स्थापित करना, मिशन अंकुर कार्यक्रम का क्रियान्वयन, स्मार्ट
क्लास संचालन तथा छात्रवृत्ति वितरण एवं एमपीटास पोर्टल पर स्वीकृति की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी। ग्रामीण विकास के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्र परिवारों को आवास निर्माण की सुविधा, जल जीवन मिशन के माध्यम से प्रत्येक घर में नल से जल उपलब्धता तथा एनआरएलएम स्वयं सहायता समूहों को बैंक ऋण उपलब्ध कराने की प्रगति की समीक्षा होगी। धरती आबा, वनाधिकार पट्टा धारकों को योजनाओं का लाभ दिलाना, वनाधिकार अधिनियम अंतर्गत लंबित प्रकरणों का निराकरण तथा नर्मदा परिक्रमा पथ पर मूलभूत सुविधाओं का विकास आदि कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सड़क सुरक्षा की प्रगति, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग एवं अफवाहों तथा भ्रामक सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई की स्थिति भी समीक्षा का हिस्सा रहेगी। कलेक्टर द्वारा सभी संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी एवं पारदर्शी रूप से पहुंचे तथा जनकल्याण के कार्य गति से संपन्न
हों।


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