कटनी – प्रदेश में माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शालाओं के लिए शैक्षणिक सत्र 2027-28 की मान्यता संबंधी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश द्वारा मध्यप्रदेश माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शालाओं की मान्यता नियम 2017, संशोधन नियम 2020 एवं 2021 तथा संशोधित नियम 2026 के अंतर्गत नवीन मान्यता, मान्यता नवीनीकरण, विषय वृद्धि, माध्यम वृद्धि एवं पता परिवर्तन के लिए ऑनलाइन आवेदन की समय-सारणी जारी की गई है। अशासकीय संस्थाओं को निर्धारित दस्तावेजों एवं घोषणा-पत्र के साथ मान्यता पोर्टल manyta.dpimp.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार अशासकीय संस्थाओं की संख्या के आधार पर आवश्यकता अनुसार निरीक्षण दलों का गठन संबंधित संभागीय संयुक्त संचालकों द्वारा तत्काल किया जाएगा। संस्था द्वारा ऑनलाइन आवेदन किए जाने के बाद गठित निरीक्षण दल को 7 दिवस के भीतर संस्था का निरीक्षण कर निरीक्षण प्रतिवेदन पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके बाद निरीक्षण दल द्वारा प्रतिवेदन अपलोड किए जाने के सात दिवस के अंदर संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी को अपनी स्पष्ट अनुशंसा एवं अभिमत के साथ प्रकरण ऑनलाइन संबंधित संभागीय संयुक्त संचालक को भेजना होगा।संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी से प्रकरण प्राप्त होने के बाद यथासंभव 7 दिवस तथा अधिकतम 15 दिवस की अवधि में संस्था की मान्यता के संबंध में आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। यदि निरीक्षण के दौरान संस्था निर्धारित मापदंडों को पूरा नहीं करती पाई जाती है, तो संस्था को आवश्यक मापदंडों की पूर्ति अथवा वांछित अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए 15 दिवस का अवसर दिया जाएगा। संस्था द्वारा कमी पूर्ति का प्रतिवेदन एवं निर्धारित अभिलेख प्रस्तुत किए जाने के आधार पर नियमानुसार मान्यता के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। निर्धारित अवधि में कमी पूर्ति का प्रतिवेदन या अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में भी प्रकरण का नियमानुसार समय-सीमा में निराकरण किया जाएगा।
15 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन
जारी समय-सारणी के अनुसार अशासकीय संस्थाओं द्वारा मान्यता पोर्टल पर आवश्यक दस्तावेजों एवं घोषणा-पत्र के साथ ऑनलाइन आवेदन 15 अक्टूबर 2026 तक किए जा सकेंगे। संबंधित संस्था द्वारा आवेदन करने के बाद निरीक्षण प्रतिवेदन 7 दिवस के भीतर पोर्टल पर अपलोड किया जाना है। गठित निरीक्षण दल की अनुशंसा तथा जिला शिक्षा अधिकारी की स्पष्ट अनुशंसा सहित प्रतिवेदन संभागीय संयुक्त संचालक को ऑनलाइन भेजने की प्रक्रिया 30 अक्टूबर तक पूरी की जाएगी।संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा प्रकरणों में निर्णय लेने तथा जिन संस्थाओं में मापदंडों की कमी पाई गई है, उन्हें ई-मेल के माध्यम से कमी पूर्ति के लिए सूचित करने की अंतिम तिथि 15 नवंबर निर्धारित की गई है। संस्थाओं को कमी पूर्ति के बाद आवश्यक दस्तावेज संभागीय संयुक्त संचालक के समक्ष 30 नवंबर 2026 तक प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेजों के आधार पर अथवा कमी पूर्ति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में प्रकरणों का निराकरण 5 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा।
निरस्त प्रकरणों में अपील की भी समय-सीमा तय
संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा लिए गए निर्णय के विरुद्ध अशासकीय संस्थाएं निर्धारित समय-सीमा में प्रथम अपील ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकेंगी। संभागीय संयुक्त संचालक स्तर पर आवेदन निरस्त होने की स्थिति में आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय के समक्ष प्रथम अपील करने की अंतिम तिथि 5 जनवरी 2027 निर्धारित की गई है। विलंब शुल्क सहित प्रथम अपील 11 जनवरी 2027 तक ऑनलाइन की जा सकेगी।आयुक्त, लोक शिक्षण द्वारा प्रथम अपील के प्रकरणों का निराकरण 8 फरवरी 2027 तक किया जाएगा। इसके बाद आयुक्त स्तर पर निरस्त प्रकरणों में संस्था मान्यता समिति के समक्ष द्वितीय अपील 8 मार्च 2027 तक प्रस्तुत कर सकेगी। विलंब शुल्क सहित द्वितीय अपील की अंतिम तिथि 15 मार्च 2027 निर्धारित है। मान्यता समिति द्वारा द्वितीय अपील के प्रकरणों का निराकरण 31 मार्च 2027 तक किया जाएगा।
अपील में कमियों को बनाया जा सकेगा आधार
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संभागीय संयुक्त संचालक के निर्णय के विरुद्ध प्रस्तुत की जाने वाली प्रथम तथा आवश्यकता अनुसार द्वितीय अपील का आधार वही बिंदु होंगे, जिनके आधार पर संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा आवेदन का निराकरण किया गया है। प्रथम या द्वितीय ऑनलाइन अपील किए जाने पर संबंधित संस्था द्वारा पूर्व में पाई गई कमियों की पूर्ति के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।मान्यता प्राप्त होने के बाद संस्था द्वारा संबद्धता शुल्क जमा किए जाने पर माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा निर्धारित प्रक्रिया एवं तिथि के अनुसार संबद्धता प्रदान की जाएगी।लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों, जिला शिक्षा अधिकारियों तथा अशासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी संस्थाओं के अध्यक्ष, सचिव एवं प्राचार्यों को जारी समय-सारणी के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

