जबलपुर,
दीपावली तथा आने वाले त्यौहारों के मद्देनजर जिले में कानून व्यवस्था बनाये रखने तथा नागरिकों के
मौलिक अधिकारों के हनन को रोकने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के
तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर अरूण कुमार विश्वकर्मा
के निर्देशानुसार अपर जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी यह प्रतिबंधात्मक आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो
गया है और यह आगामी दो माह तक प्रभावी रहेगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इसका उल्लंघन
पाये जाने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा
223 तथा अन्य समस्त प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जायेगी।
प्रतिबंधात्मक आदेश के मुताबिक प्रशासनिक अधिकारियों से अनुमति प्राप्त किये बिना किसी भी प्रकार
के आयोजन नहीं किये जा सकेंगे। अनुमति प्राप्त किये बगैर होने वाले आयोजनों को अवैध घोषित किया
जायेगा तथा आयोजकों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। आदेश में जिले
में दो पहिया वाहन रैली को पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। इसके साथ ही डीजे के इस्तेमाल पर भी
पूरी तरह रोक लगाई गई है। आदेश के अनुसार सभी को मध्यप्रदेश कोलाहल अधिनियम एवं ध्वनि
प्रदूषण नियम का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों से आपत्तिजनक नारे अथवा
गाने इत्यादि प्रसारित नहीं किए जा सकेंगे। ऐसा पाए जाने पर डीजे उपलब्ध कराने वाले टेंट हाउस आदि
पर भी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक अनुमति प्राप्त आयोजनों में भी ऐसे नारे अथवा शब्दों का प्रयोग
नहीं किया जा सकेगा, जिनसे किसी भी धर्म अथवा वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचती हो। ऐसा
पाये जाने की दशा में संबंधित त्रुटिकर्ता के साथ-साथ कार्यक्रम के आयोजकों का भी उत्तरदायित्व
निर्धारित किया जायेगा और उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही की जायेगी। आदेश में व्यक्तियों,
संस्थाओं अथवा पशु मालिकों से कहा गया है कि वे अपने पशुओं को खुले तौर पर सडकों पर न छोड़ें
और न ही सड़कों पर आने दें।
जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश में घरेलू सहायकों एवं व्यावसायिक सहायकों को
रखने के पहले इसकी सूचना संबंधित थाने पर विहित प्रारूप में देना अनिवार्य किया गया है। होटल, लॉज,
धर्मशाला में रूकने वाले व्यक्तियों से पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लेने तथा विहित प्रारूप में इनकी सूची
प्रतिदिन संबंधित थाने को देने के निर्देश होटल, लॉज, धर्मशाला संचालकों को दिये गये हैं। आदेश के
मुताबिक पेइंग गेस्ट की सूचना संबंधित मकान मालिक द्वारा विहित प्रारूप में सबंधित थाने को देनी
होगी। इसके बाद ही पेईंग गेस्ट को रखा जा सकेगा। यदि मकान में किरायेदार रखा जाता है तो इसकी
सूचना भी संबंधित थाने को लिखित रूप से मकान मालिक द्वारा प्रदान किया जाना अनिवार्य होगा।
प्रतिबंधात्मक आदेश में पेट्रोल पम्प से डिब्बे, बोतल तथा अन्य किसी खुले रूप में पेट्रोल एवं अन्य
ज्वलनशील पदार्थों के विक्रय पर पूर्णत: रोक लगाई गई है। इसी प्रकार तम्बाखू अथवा उससे निर्मित
पदार्थ या उसके समान दिखने या व्यवहार करने वाले पदार्थ जैसे ई-सिगरेट, अवैध सिगरेट (जिनके पैकेट
पर स्वास्थ से संबंधित दिशा निर्देशों का लेख नहीं रहता है) तथा तम्बाखू के ऐसे उत्पाद जिनका
क्रय-विक्रय एवं उपयोग देश की सीमा में प्रतिबंधित है, के क्रय-विक्रय एवं उपयोग को भी प्रतिबंधित किया
गया है।
प्रतिबंधात्मक आदेश में जिले की भौगोलिक सीमा में स्थित आयुध निर्माणी क्षेत्र अथवा डिपो की 100
मीटर की परीधि में तथा शहपुरा भिटौनी स्थित प्राकृति तेल भंडारण एवं एलपीजी गैस भंडारण क्षेत्र के
चारो ओर 500 मीटर की परीधि में किसी भी प्रकार के पटाखा एवं आतिशबाजी करने पर पूर्णत: रोक
लगाई गई है।
आदेश में जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा में व्हाट्सअप, एक्स, फेसबुक एवं सोशल मीडिया के किसी भी
प्लेटफार्म पर आपत्तिजनक अथवा उद्वेलित करने वाले फोटो, वीडियो, चित्र अथवा मैसेज करने या
साम्प्रदायिक मैसेज करने अथवा उन्हें फारवर्ड करने, लाईक करने, कमेंट करने की गतिविधियों को भी
प्रतिबंधित किया गया है। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को सोशल मीडिया के ग्रुपों पर विशेष
निगाह रखने के निर्देश भी प्रतिबंधात्मक आदेश में दिये गये हैं।

