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उर्वरक एवं कीटनाशक दवाईयों के भंडारण में अनियमितता के अलग-अलग मामलों में कृषि विभाग ने दर्ज कराई एफआईआर

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जबलपुर, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने उर्वरक तथा कीटनाशक दवाओं के भंडारण और विक्रय में अनियमितता बरतने के दो अलग-अलग मामलों में माढ़ोताल थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। दोनों प्रतिष्ठानों का कृषि अधिकारियों द्वारा गत दिनों आकस्मिक निरीक्षण किया गया तथा उर्वरक एवं कीटनाशक दवाओं के भंडारण एवं विक्रय में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं थी। माढ़ोताल पुलिस ने किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के प्रतिवेदन के आधार पर करमेता स्थित माइक्रोप्लेक्स एग्रो केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर कम्पनी के प्रतिनिधि विजय कुमार तिवारी के विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश एवं अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं में तथा करमेता के ही
मेसर्स किसान समृद्धि केंद्र के प्रोपराइटर डॉ रुद्रनाथ शुक्ला के विरुद्ध कीटनाशी अधिनियम की धाराओं में अपराध पंजीबद्ध लिया है। उप संचालक कृषि डॉ एस के निगम के अनुसार वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पंकज शर्मा द्वारा 9 दिसम्बर को करमेता स्थित मेसर्स माईक्रोप्लेक्स एग्रोकेमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स के गोदाम का
निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान माईक्रोप्लेक्स एग्रो केमिकल्स के गोदाम में लाइसेंस में दर्शाये गये प्रिंसिपल सर्टिफिकेट के अलावा भी अन्य उर्वरकों का भंडारण पाया गया था। उप संचालक कृषि ने बताया कि निरीक्षण में बिना प्रिंसिपल सर्टिफिकेट के भण्डारित पाये गये उर्वरक को जप्त कर गोदाम प्रभारी युवराज एवं राहुल को सुपुर्दगी में दे दिया गया तथा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश का उल्लंघन पाये जाने पर कम्पनी के प्रतिनिधि विजय कुमार तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जबाब तलब
किया गया था। डॉ निगम ने बताया कि माईक्रोप्लेक्स एग्रो केमिकल्स के गोदाम में बिना प्रिंसिपल सर्टिफिकेट के भण्डारित पाये गये अभिमन्यु ब्रांड के उर्वरकों के विक्रय को प्रतिबंधित कर दिया गया है तथा परीक्षण हेतु नमूने भी लिये गये। उप संचालक कृषि के मुताबिक कटंगी रोड करमेता स्थित मेसर्स किसान समृद्धि केंद्र का दस दिसम्बर को वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पंकज शर्मा द्वारा किये गये आकस्मिक निरीक्षण के दौरान
इस प्रतिष्ठान में लायसेंस में उल्लेखित गोदाम के अलावा अन्य स्थान पर भी कीटनाशक दवाइयों का भंडारण करना पाया गया था। इसके साथ ही भौतिक सत्यापन में इस प्रतिष्ठान से लायसेंस में उल्लेखित कीटनाशकों के अलावा अन्य निर्माता कंपनियों की कीटनाशक दवाइयों का भंडारण एवं विक्रय करना भी पाया गया था। इस प्रतिष्ठान के लाइसेंस का नवीनीकरण भी कराया गया था। निरीक्षण में मिली इन अनियमितताओं पर किसान समृद्धि केंद्र के प्रोपराइटर डॉ रुद्रनाथ शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी
कर जबाब मांगा गया तथा बिना लाइसेंस के भण्डारित कीट नाशक दवाओं को जप्त कर उंसके क्रय- विक्रय को प्रतिबन्धित कर दिया गया था।

उपसंचालक कृषि ने बताया कि दोनों प्रकरणों में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की ओर से एफआईआर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पनागर पंकज शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई है।


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