कटनी – किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं उचित मूल्य पर खाद-बीज, उर्वरक एवं कीटनाशकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सघन जांच अभियान चलाने और प्रयोगशाला में नमूनों की जांच करवा कर अमानक खाद-बीज एवं कीटनाशक औषधि विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा दिए गए निर्देश के पालन में कृषि विभाग द्वारा बीज और उर्वरक नियमों का उल्लंघन करने पर विजयराघवगढ़ के बीज विक्रेता का विक्रय प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिया गया है जबकि बहोरीबंद के उर्वरक विक्रेता का विक्रय प्राधिकार पत्र निरस्त कर दिया गया है।
उप संचालक कृषि डॉ. आर.एन. पटेल ने बताया कि विकासखण्ड विजयराघवगढ़ के ग्राम सिनगौंडी स्थित मैसर्स किसान एग्रो (प्रो. जयकिशन गुप्ता) से लिए गए गेहूँ बीज (किस्म BIO-SEED-2006 टीएल, उत्पादक: श्रीराम बायोसीड्स जेनेटिक्स, तेलंगाना) का नमूना प्रयोगशाला जांच में अमानक स्तर का पाया गया। बीज नमूना अमानक पाए जाने पर बीज गुण नियंत्रण आदेश 1983 की धारा-15 के अंतर्गत संस्थान का बीज विक्रय प्राधिकार पत्र जो 28 अक्टूबर 2030 तक वैध था, को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में संस्थान द्वारा बीजों का क्रय-विक्रय प्रतिबंधित रहेगा।
इसी प्रकार विकासखण्ड बहोरीबंद के ग्राम मढ़िया पोस्ट मोहतरा स्थित मेसर्स महावीर कृषि केंन्द्र (प्रो. राजेन्द्र कुमार लोधी) को 4 दिसंबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका जवाब संस्थान द्वारा तीन दिवस की समय-सीमा के भीतर प्रस्तुत नहीं किया गया। जिसके बाद उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 के खण्ड 31(1) के तहत कार्रवाई करते हुये संस्थान के विक्रय प्राधिकार पत्र जो 17 फरवरी 2030 तक वैध था, को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।
साथ ही विक्रेता संस्थान को संस्थान में उपलब्ध समस्त उर्वरक स्कन्धों का विक्रय एक माह की अवधि के अन्दर करने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा एक माह पश्चात् शेष बचे उर्वरकों को राजसात कर लिया जावेगा।








