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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने किया रामायण पर आधारित भव्य कला प्रदर्शनी राम के रंग तूलिका के संग का शुभारंभ.

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जबलपुर, जबलपुर में आयोजित किये जा रहे चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस के प्रथम चरण के अंतर्गत रामायण पर आधारित भव्य कला प्रदर्शनी “राम के रंग तुलिका के संग” का शुभारंभ आज रविवार को मानस भवन की आर्ट गैलरी में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, राज्य
सभा सदस्य श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद श्री आशीष दुबे एवं महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक श्री अजय विश्नोई, डॉ अभिलाष पांडे एवं श्री नीरज सिंह भी उनके साथ मौजूद थे।प्रदर्शनी के उद्घाटन के पूर्व पूज्य ज्ञानेश्वरी दीदी एवं अलका विश्नोई ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री फडणवीस का स्वागत किया। कार्यक्रम में श्री प्रशांत पोल, आयोजन सचिव डॉ अखिलेश गुमाश्ता, भाजपा के नगर अध्यक्ष श्री रत्नेश सोनकर, ग्रामीण अध्यक्ष श्री राजकुमार पटेल, पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री अखिलेश जैन, नगर निगम अध्यक्ष श्री रिकुंज विज, डॉ जीतेन्द्र जामदार, श्री पंकज गौर, एडवोकेट रविरंजन
सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संतगण एवं धर्मप्रेमी नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का आयोजन ब्रह्मर्षि मिशन समिति, श्री रामचंद्र पथ गमन न्यास, भोपाल एवं राम अवेयरनेस मूवमेंट के संयुक्त तत्वावधान में मानस भवन, जबलपुर में 2, 3 एवं 4 जनवरी को किया जा रहा है। प्रदर्शनी प्रभारी शैलजा सुल्लेरे ने बताया कि प्रदर्शनी में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र,नई दिल्ली से प्राप्त
दुर्लभ कलाकृतियों सहित देश-विदेश की विविध कलाशैलियों का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया गया है। इनमें गोंड जनजाति की गोंड रामायनी, तेलंगाना की नक्शी डॉल, पश्चिम बंगाल की पटचित्र कला, बनारस, सरायकेला एवं बंगाल के मुखौटे, आंध्रप्रदेश, केरल एवं इंडोनेशिया की छाया पुतली कला, श्री रामचंद्र पथ गमन न्यास, भोपाल से आई 40 विशेष पेंटिंग्स, पूज्य ज्ञानेश्वरी दीदी की कांगड़ा तथा राजस्थान शैली की
मिनियेचर पेंटिंग, अनुश्री विश्नोई द्वारा धनुष पर उकेरा गया संपूर्ण सुंदरकांड, डॉ. रूपरेखा चौहान की ओरछा के भगवान राजाराम पर आधारित पेन स्केच एवं मधुबनी चित्र, स्थानीय कलाकारों द्वारा रियलिस्टिक, तंजौर एवं केरल म्यूरल शैली में निर्मित रामायण चित्र, छत्तीसगढ़ के रामनामी संप्रदाय की विशिष्ट पेंटिंग्स शामिल हैं।
यह प्रदर्शनी एक जनवरी तक रोज सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक तथा 2, 3 एवं 4 जनवरी को सुबह9 बजे से रात्रि 9 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी।


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