कटनी– कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने जिले के किसानों को सहजता से उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर कृषि एवं सहकारिता के साथ-साथ सभी एसडीएम और तहसीलदारों को भी खाद वितरण कार्य की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक हिदायत दी कि अधिकारी ऐसी व्यवस्था करें कि किसानों को खाद मिलने में असुविधा न हो। कलेक्टर ने यह निर्देश सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में दिए।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर, नगर निगम आयुक्त सुश्री तपस्या परिहार एवं सहायक कलेक्टर श्री श्लोक वायकर उपस्थित रहे।
21 अगस्त के शिविर से पहले लंबित प्रकरणों का करें निराकरण
कलेक्टर श्री तिवारी ने मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत विकासखंड बहोरीबंद अंतर्गत 21 अगस्त को आयोजित होने वाले शिविर के पूर्व सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने विभाग से संबंधित लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों एवं आवेदनों का समय रहते निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अधिकतम प्रकरणों का निराकरण पूर्व में ही कर लिया जाए तथा शेष मामलों का समाधान शिविर स्थल पर किया जाए। जिन मामलों का तत्काल निराकरण संभव न हो, उनमें समय-सीमा तय कर आवेदकों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया जाए।
लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा
बैठक में एमएसएमई, खनिज, नगरीय आवास, स्कूल शिक्षा, पीएचई, कृषि, श्रम, सहकारिता, जनजातीय कार्य विभाग, साईंस एण्ड टेक, सामाजिक न्याय, कृषि, नागरिक आपूर्ति सहित विभिन्न विभागों की लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री तिवारी ने अधिकारियों को सभी लंबित शिकायतों का गंभीरतापूर्वक और प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ने राजस्व विभाग के अंतर्गत लंबित शिकायतों की तहसीलवार समीक्षा की गई।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर श्री तिवारी ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पटवारियों के साथ बैठक आयोजित कर फार्मर रजिस्ट्री बनाने के कार्य में तेजी लायें। उन्होंने हिदायत दी कि इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले पटवारियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने तहसीलदारों को पीएम किसान योजना के लंबित आवेदनों को पात्रतानुसार स्वीकृत करने के निर्देश दिए। साथ ही नामांतरण एवं सीमांकन से जुड़े लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने लघु सिंचाई संगणना की भी समीक्षा की।
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे उनके न्यायालय में एक से दो वर्ष की अवधि के लंबित राजस्व प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने इस मामले में ढीमरखेड़ा की एसडीएम द्वारा किये गये निराकरण की सराहना की।
स्वास्थ्य विभाग को दिए निर्देश
कलेक्टर ने अनमोल पोर्टल में गर्भवती माताओं की एएनसी जांच सहित एनीमिया के मामलों की समीक्षा करते हुये बीएमओ बहोरीबंद के कार्यों के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुये सीवियर एनीमिया के मामलों में कमी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने दस्तक अभियान के संपूर्ण घटकों को भी कव्हर करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए।
ई-केवायसी कार्य में लायें तेजी
बैठक में ई-केवायसी की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जनपद सीईओ रीठी और बड़वारा को ई-केवाईसी कार्य में और अधिक प्रगति लाने के निर्देश दिए।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा
कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत पंजीयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण पुनर्वास केन्द्रों में बच्चों की स्थिति पर भी चर्चा की। कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ व सीडीपीओ को आपस में समन्वय कर नए जन्म प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश दिए।
स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा
कलेक्टर श्री तिवारी ने पीएम स्वनिधि, उद्योग विभाग की मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, आदिम जाति कल्याण विभाग की डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना एवं बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, उद्यानिकी विभाग की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उन्नयन योजना, मत्स्य विभाग तथा एनआरएलएम योजनाओं के अंतर्गत लंबित एवं स्वीकृत प्रकरणों की समीक्षा की और सभी विभागों को लक्ष्य पूर्ति के निर्देश दिए।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री जितेन्द्र पटेल, समस्त एसडीएम, सिविल सर्जन श्री यशवंत वर्मा, सीएमएचओ डॉ. राज सिंह ठाकुर, उपसंचालक खनिज श्री रत्नेश दीक्षित, जिला शिक्षा अधिकारी श्री सच्चिदानंद पाण्डेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास सच्चिदानंद पाण्डेय, जिला कोषालय अधिकारी अरविंद सिंह, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र ज्योति सिंह चौहान, सहायक आयुक्त सहाकारिता राजयशवर्धन कुरील, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विमल चौरसिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


