कटनी /
बुधवार को व्रतधारी महिलाओं ने अपनी संतान की दीघार्यु और उसके स्वस्थ्य जीवन की कामना के लिए व्रत रखकर पूजन किया। माना जाता है कि जो माताएं इस व्रत को करती हैं, उनके पुत्र के जीवन पर आए संकट दूर होते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान हलधर यानी बलराम जी उनके पुत्रों को लंबी आयु प्रदान करते हैं। पुष्पलता दुबे, शालिनी मिश्रा, तृप्ति दुबे, शिवानी दुबे, मोना पाठक, केतकी दुबे, सुनीता कनौजिया, संध्या दाहिया, सुनीता दुबे, निकिता सिंह चौहान आदि ने बताया कि इस व्रत को विशेष रूप से भैंस के दूध और उससे बने दही का सेवन किया जा सकता है। इस व्रत में महिलाएं पसही के चावल और महुए की मिठास से बनी चीजें खाकर व्रत खोलती हैं। कटनी के कई घरों में यह पर्व बड़ी ही आस्था, विश्वास और श्रद्धा के साथ पूजन किया। जिसके बाद उन्हें बांस से बनी टोकरी में लाई, महुआ, चने और पूजन में चढे़ फलों का प्रसाद वितरित किया जाता है। बताया जाता है कि पर्व भगवान श्रीकृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता श्री बलरामजी का प्रधान शस्त्र हल तथा मूसल है, जिसके कारण उन्हें हलधर भी कहा जाता है, इसी कारण इस पर्व य को हलषष्ठी या हरछठ कहते हैं।


