कटनी – कभी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए मजदूरी पर निर्भर रहने वाली ग्राम बड़वारा की लीला बाई चौधरी के जीवन में अब उम्मीद की नई हरियाली दिखाई दे रही है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत संचालित ‘एक बगिया मां के नाम’ पहल ने उनकी खाली पड़ी भूमि को फलदार पौधों से सुसज्जित बगिया में बदल दिया है। यह बगिया अब उनके परिवार के लिए भविष्य में स्थायी और सम्मानजनक आजीविका का आधार बनने जा रही है।
मजदूरी पर निर्भर था परिवार
बड़वारा विकासखंड के ग्राम बड़वारा निवासी लीला बाई चौधरी का परिवार पहले अपनी आजीविका के लिए दैनिक मजदूरी पर निर्भर था। काम मिलने पर ही आमदनी होती थी और आय का कोई स्थायी साधन नहीं होने के कारण परिवार को अक्सर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। ऐसे समय में मनरेगा के माध्यम से उनकी भूमि पर ‘एक बगिया मां के नाम’ कार्य स्वीकृत हुआ। इस पहल ने लीला बाई को न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया, बल्कि उनकी अपनी भूमि पर भविष्य की आजीविका का साधन भी तैयार कर दिया।
मनरेगा से सृजित हुए 250 मानव दिवस
फलदार बगिया के विकास के लिए 54 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। कार्य के माध्यम से 250 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए। कार्य के दौरान सामने आई कुछ शुरुआती वित्तीय चुनौतियों, विशेषकर सामग्री की राशि समय पर प्राप्त नहीं होने से हुई परेशानी के बावजूद कार्य को निर्धारित प्रक्रिया और तकनीकी मापदंडों के अनुरूप आगे बढ़ाया गया।
प्रशासन और तकनीकी अमले का मिला सहयोग
ग्राम पंचायत के माध्यम से कार्य का क्रियान्वयन शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों एवं प्राक्कलन के अनुसार किया गया। कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कराने में प्रशासनिक एवं तकनीकी अमले का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। अधिकारियों के मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग से लीला बाई की भूमि पर बगिया तैयार की गई।
आज पौधों की देखभाल, कल नियमित आय की उम्मीद
अब लीला बाई अपने घर के पास तैयार हो रही इस बगिया की देखभाल कर रही हैं। फलदार पौधों के बड़े होने के साथ उन्हें भविष्य में फलों की बिक्री से आय प्राप्त होने की उम्मीद है। अब रोजगार की तलाश में दूर जाने की मजबूरी कम होगी। अपनी ही भूमि पर तैयार यह बगिया लीला बाई के परिवार को स्थानीय स्तर पर आजीविका का अवसर उपलब्ध कराएगी।अनुमान है कि बगिया के विकसित होने पर परिवार को लगभग 5 हजार से 10 हजार रुपये तक की मासिक आय प्राप्त हो सकती है।


