कटनी। अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस के अवसर पर स्थानीय शिकागो पब्लिक स्कूल, कटनी में शनिवार को वन्यजीव संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गिद्ध विशेषज्ञ एवं पर्यावरणविद् मोहन नागवानी ने मुख्य वक्ता के रूप उपस्थित रहे ।श्री नागवानी ने विद्यार्थियों को बताया कि गिद्धों को क्यों “प्रकृति का सफाईकर्मी” कहा जाता है। उन्होंने कहा कि दुनिया में गिद्धों की लगभग 23 प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें से 9 भारत में मिलती हैं। 90 के दशक में पशुओं को दी जाने वाली डाइक्लोफेनाक दवा, भोजन की कमी और आवास नष्ट होने के कारण इनकी संख्या में 99 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। उन्होंने बच्चों को मिस्र का गिद्ध, सफेद पीठ वाला गिद्ध, भारतीय गिद्ध और लाल सिर वाले गिद्ध की पहचान और उनके महत्व के बारे में बताया।कार्यक्रम में विशेषज्ञ श्री नागवानी ने मध्य प्रदेश वन विभाग द्वारा गिद्ध संरक्षण के लिए किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों की भी जानकारी दीमध्य प्रदेश को ‘गिद्ध स्टेट’ कहा जाता है। विभाग द्वारा हर साल दो बार (सर्दी और गर्मी में) समन्वित गिद्ध जनगणना की जाती है। वर्ष 2024 में प्रदेश में 10,845 गिद्ध गिने गए थे, जो 2025 की जनगणना में बढ़कर 12,981 हो गए हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व देश में गिद्धों का सबसे बड़ा आवास बनकर उभरा है, जहाँ इस साल एक ही दिन में 1000 से अधिक गिद्ध देखे गए।
इस अवसर पर स्पॉटलाइट द्वारा निर्मित एक विशेष फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया
इस अवसर पर शाला के प्राचार्य श्री आर. एल. निगम ने कहा कि नई पीढ़ी में वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता जगाना ही उनके संरक्षण का सबसे प्रभावी उपाय है। कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने गिद्धों के संरक्षण की शपथ भी ली। इस अवसर पर समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


