कटनी नगर को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण अनुकूल बनाए रखने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा संचालित पूजन सामग्री संग्रहण वाहन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी एवं निगम आयुक्त सुश्री तपस्या परिहार के मार्गदर्शन में धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए पूजन सामग्री के व्यवस्थित एवं पर्यावरण अनुकूल निपटान की दिशा में निगम की यह पहल स्वच्छता के साथ-साथ जल स्रोतों के संरक्षण में भी प्रभावी साबित हो रही है।नगर निगम द्वारा संचालित दो विशेष पूजन सामग्री संग्रहण वाहनों के माध्यम से प्रतिदिन शहर के विभिन्न मंदिरों, देवालयों, धार्मिक स्थलों एवं नागरिकों के घरों से निकलने वाली पूजन सामग्री का संग्रह किया जा रहा है। इन वाहनों के माध्यम से फूल-मालाएं, नारियल, अगरबत्ती के अवशेष सहित अन्य पूजन सामग्री को अलग से एकत्रित किया जाता है, जिससे इसका निर्धारित प्रक्रिया के तहत उचित एवं पर्यावरण अनुकूल निपटान सुनिश्चित किया जा सके।
इन धार्मिक स्थलों से किया गया पूजन सामग्री का संग्रह
पूजन सामग्री संग्रहण वाहनों द्वारा गुरुवार को लक्ष्मीनारायण मंदिर, रोशन नगर स्थित शिव शक्ति राम मंदिर, शारदा माता मंदिर, राम जानकी हनुमान मंदिर, बजरंग बली कांच मंदिर, शिव मंदिर, सन्यासी बाबा मंदिर, काली माता मंदिर, जैन कॉलोनी दुर्गा देवी मंदिर, बजरंग कॉलोनी शंकर जी मंदिर, साईं बाबा मंदिर, हनुमान मंदिर, झंडा बाजार खेर माता मंदिर, संतोषी माता मंदिर, सिंधु सत्संग भवन, शेर चौक साईं मंदिर एवं राम जानकी मंदिर, बाबा घाट हनुमान मंदिर, गायत्री नगर दुर्गा माता मंदिर सहित नगरीय एवं उपनगरीय क्षेत्रों के विभिन्न मंदिरों, देवालयों एवं धार्मिक स्थलों से पूजन सामग्री का संग्रह किया गया। अक्सर पूजन सामग्री को नदियों, तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों में प्रवाहित किए जाने से जल प्रदूषण की समस्या उत्पन्न होती है। इसे ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा पूजन सामग्री के पृथक संग्रहण की व्यवस्था की गई है। इससे नागरिकों को पूजन सामग्री के उचित निपटान की सुविधा मिल रही है तथा धार्मिक आस्था का सम्मान बनाए रखते हुए पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे पूजन सामग्री को कचरे में फेंकने अथवा नदियों, तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों में प्रवाहित करने के बजाय नगर निगम के पूजन सामग्री संग्रहण वाहनों को उपलब्ध कराएं। नागरिकों की सहभागिता से शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं प्रदूषण मुक्त बनाने के निगम के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।


