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कलेक्‍टर की सख्‍ती का असर पहरूआ उचित मूल्य दुकान में 5.32 लाख के खाद्यान्न की हेराफेरी पर विक्रेता के विरूद्ध दर्ज हुई एफआईआर बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद भी हितग्राहियों को नहीं दिया राशन, जांच में स्टॉक में पाया गया अंतर कटनी (15 सितंबर) – विकासखंड ढीमरखेड़ा क्षेत्र की शासकीय उचित मूल्य दुकान पहरूआ में 5.32 लाख रुपये मूल्य के खाद्यान्न की हेराफे

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कटनी – विकासखंड ढीमरखेड़ा क्षेत्र की शासकीय उचित मूल्य दुकान पहरूआ में 5.32 लाख रुपये मूल्य के खाद्यान्न की हेराफेरी के मामले में कलेक्टर श्री          आशीष तिवारी द्वारा सख्‍त कार्रवाई करने और प्राथमिकी दर्ज कराने के कड़े निर्देश के बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ढीमरखेड़ा द्वारा राशन दुकान विक्रेता मुकेश तिवारी के विरुद्ध थाना ढीमरखेड़ा में भारतीय न्याय संहिता एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।

          ग्राम पंचायत पहरूआ की सरपंच शारदा महोबिया की शिकायत पर कलेक्‍टर के निर्देश पर बीते 18 जुलाई को कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी वंदना जैन ने सरपंच की उपस्थिति में दुकान की जांच की। दुकान का संचालन सेवा सहकारी समिति खमतरा द्वारा किया जाता है। जांच के दौरान समिति प्रबंधक कमल पाण्डेय उपस्थित रहे, जबकि पूर्व सूचना के बावजूद विक्रेता मुकेश तिवारी मौके पर उपस्थित नहीं हुए।

ई-पीडीएस और भौतिक स्टॉक में मिला बड़ा अंतर

          जांच के दौरान ई-पीडीएस पोर्टल पर दर्ज स्टॉक का मौके पर उपलब्ध खाद्यान्न से मिलान किया गया। इसमें गेहूं 9,987 किलोग्राम, चावल 6,149 किलोग्राम, नमक 141 किलोग्राम और शक्कर 5 किलोग्राम कम पाई गई। जांच प्रतिवेदन में कम पाए गए खाद्यान्न के अपयोजन के जरिए अनैतिक लाभ अर्जित किए जाने की बात सामने आई तथा इसकी कुल कीमत 5 लाख 32 हजार 433 रुपये निर्धारित की गई। जांच के समय दुकान पर निर्धारित स्टॉक सूची और भाव सूची भी प्रदर्शित नहीं पाई गई।

बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद भी हितग्राहियों को नहीं मिला राशन

          जांच के दौरान मौजूद हितग्राहियों भारती गौड़, साधना चौधरी, मदनलाल चौधरी, मुकेश चौधरी, उषा गोंड और प्यारी बाई गोंड के कथन दर्ज किए गए। हितग्राहियों ने बताया कि विक्रेता ने मई और जून 2026 के राशन वितरण के लिए पीओएस मशीन पर उनका बायोमेट्रिक सत्यापन कराया, लेकिन पात्रतानुसार खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराया।

          जांच में यह भी पाया गया कि दुकान में खाद्यान्न उपलब्ध होने के बावजूद हितग्राहियों को शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राशन वितरित नहीं किया गया।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियमों का उल्लंघन

          जांच में विक्रेता का कृत्य मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश, 2015 की कंडिका 11(1), 11(3), 13(2), 16 एवं 18 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय पाया गया। हितग्राहियों को उनके हक के खाद्यान्न से वंचित कर अवैधानिक लाभ अर्जित किए जाने के तथ्यों के आधार पर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए।

          निर्देश के पालन में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की शिकायत पर मुकेश तिवारी पिता गंगाराम तिवारी, निवासी पानउमरिया के विरुद्ध थाना ढीमरखेड़ा में धारा 318(4), 316(5) बीएनएस तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 एवं 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

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