जबलपुर, कीट एवं रोगों से प्रभावित धान की फसल का जायजा लेने और इन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए किसानों को सलाह देने कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने आज जिले के जबलपुर अनुभाग के धान उत्पादक क्षेत्रों का भ्रमण किया। भ्रमण में कहीं-कहीं धान की फसल में जीवाणु झुलसा (बैक्टीरियल ब्लाइट), शीथ ब्लाइट, फॉल्स स्मट तथा लीफ फोल्डर कीट देखा गया। इस दौरान किसानों को रोग एवं कीट की पहचान, उनके फैलने की अनुकूल परिस्थितियों तथा समेकित प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई।
किसानों को जीवाणु झुलसा एवं शीथ ब्लाइट के नियंत्रण के लिए संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने, खेत में उचित जल निकासी की व्यवस्था करने तथा अनुशंसित फफूंदनाशी एवं जीवाणुनाशी का उपयोग करने की सलाह दी गई। इसी प्रकार फॉल्स स्मट बीमारी से प्रभावित बालियों को समय रहते नष्ट करने की सलाह दी गई तथालीफ फोल्डर कीट के प्रभावी नियंत्रण के लिए अनुशंसित कीटनाशकों का समय पर छिड़काव करने पर जोर दिया गया। किसानों को नियमित रूप से फसल की निगरानी करने और वैज्ञानिक अनुशंसाओं का कड़ाई से पालन करने के लिए प्रेरित किया गया ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके। कीट और रोग से प्रभावित धान की फसल का जायजा लेने पहुंचे कृषि वैज्ञानिकों और कृषि अधिकारियों में डॉ प्रमोद कुमार गुप्ता एवं डॉ कैलाश चौकिकर, उप संचालक कृषि यू के कटहरे, अनुविभागीय कृषि
अधिकारी जबलपुर रश्मि परसाई एवं क्षेत्र के कृषि अधिकारी शामिल थे।


