कटनी – खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए जिले में किसान पंजीयन का कार्य जारी है। जिले की विभिन्न तहसीलों में अब तक कुल 17,391 किसानों का पंजीयन किया जा चुका है। पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 निर्धारित है।
ढीमरखेड़ा में सर्वाधिक पंजीयन
तहसीलवार पंजीयन के अनुसार ढीमरखेड़ा में 4,561, बहोरीबंद में 2,659, विजयराघवगढ़ में 2,005, बरही में 1,883, बड़वारा में 1,510, कटनी नगर में 1,439, रीठी में 1,285, स्लीमनाबाद में 1,223 तथा कटनी तहसील में 826 किसानों ने पंजीयन कराया है।
पंजीयन के लिए आधार, समग्र एवं एग्रीस्टेक किसान आईडी जरूरी
पंजीयन के लिए किसान के पास आधार नंबर, समग्र परिवार आईडी, मोबाइल नंबर एवं एग्रीस्टेक किसान आईडी उपलब्ध होना आवश्यक है। किसान की भूमि संबंधी खसरा, रकबा और बोई गई फसल की जानकारी एग्रीस्टेक डेटाबेस से प्राप्त की जाएगी। एग्रीस्टेक में खसरा उपलब्ध नहीं होने पर संबंधित पटवारी, सीएससी, ग्राम सहायक अथवा फार्मर रजिस्ट्री एमपी मोबाइल ऐप के माध्यम से खसरा अपडेट कराया जा सकता है। पंजीयन के दौरान बोई गई फसल का सही विवरण दर्ज कराना आवश्यक होगा।किसानों को अपना आधार बैंक खाते और मोबाइल नंबर से लिंक रखने तथा बैंक खाते की जानकारी एवं आईएफएससी कोड उपलब्ध रखने की सलाह दी गई है। जनधन, निष्क्रिय, संयुक्त अथवा किसान के नाम से दर्ज नहीं होने वाले बैंक खातों में पंजीयन नहीं किया जाएगा। आधार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में आधार केंद्र पर आवेदन करना होगा। समग्र आईडी अथवा आधार आवेदन की पावती के आधार पर भी नियमानुसार पंजीयन किया जा सकेगा। पंजीयन के दौरान दर्ज मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के सत्यापन के बाद ही पंजीयन सुरक्षित होगा।
सिकमी, बटाईदार एवं वन पट्टाधारी किसानों का भी होगा पंजीयन
सिकमी, बटाईदार एवं वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। सिकमी/बटाईदार किसान को मूल किसान की आधार संख्या, एग्रीस्टेक किसान आईडी तथा आधार नंबर के साथ सिकमी/बटाई अनुबंध की प्रति प्रस्तुत करनी होगी। अनुबंध की प्रति ई-उपार्जन पोर्टल पर ऑपरेटर द्वारा स्कैन कर अपलोड की जाएगी। अनुबंध में उल्लेखित मूल भू-स्वामी के खसरा एवं रकबा सहित आवश्यक विवरण का पोर्टल पर सत्यापन किया जाएगा। अनुबंध की अधिकतम अवधि 5 वर्ष निर्धारित है।जिला आपूर्ति अधिकारी ने जिले के किसानों से अपील की है कि जिन किसानों का पंजीयन अभी शेष है, वे 10 अक्टूबर 2026 की अंतिम तिथि से पहले अनिवार्य रूप से अपना पंजीयन करा लें, ताकि समर्थन मूल्य पर उपार्जन की प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

