जबलपुर,
जिले के मझौली विकासखंड के ग्राम समधार निवासी सूर्यभान सिंह प्राकृतिक चिया सीड्स की खेती के
जरिए किसानों को खेती के नए विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। सूर्यभान सिंह पिछले पांच
वर्षों से आत्मा परियोजना से जुड़े हैं। उनके साथ करीब 20 अन्य किसान भी प्राकृतिक चिया सीड्स की
खेती की पद्धति अपनाकर इससे जुड़ी संभावनाओं को समझ रहे हैं।चिया सीड्स की खेती किसानों के लिए आय के नए अवसर उपलब्ध कराने की क्षमता रखती है।सूर्यभान
सिंह का प्रयास है कि किसान पारंपरिक फसलों के साथ खेती के दूसरे विकल्पों पर भी विचार करें। इसके
लिए वे अन्य किसानों के साथ अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।
5 एकड़ में लगाई चिया सीड्स, नीमच मंडी में किया विक्रय –
सूर्यभान सिंह बताते है कि 5 एकड़ में परियोजना संचालक आत्मा डॉ इंदिरा त्रिपाठी के मार्ग दर्शन में
प्रशिक्षण प्राप्त कर नवाचार प्रदर्शन मे चिया सीड्स लगाया था। चिया सीड्स लगाने में 5 एकड़ में 10
हज़ार रूपये का खर्च आया और नीमच मंडी में विक्रय किया जिससे उन्हें 72 हज़ार रुपए की आय प्राप्त
हुई। वे बताते है की औषधीय फसल चिया की खेती में लागत कम और मुनाफा अधिक मिल रहा है।
इसके लिए वे जैविक खाद खुद से ही तैयार करते है और अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे
हैं।


