कटनी – राजस्व विभाग सीधे तौर पर आमजन से जुड़ा विभाग है। राजस्व अधिकारियों की कार्यप्रणाली का सीधा प्रभाव नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं और शासन की सेवाओं तक उनकी पहुंच पर पड़ता है। इसलिए अधिकारी अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ निर्वहन करते हुए जन अपेक्षाओं पर खरा उतरना सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने शुक्रवार को राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ एवं आपदा की स्थिति को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अधिकारी अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सदैव अलर्ट मोड में रहें। उन्होंने मैदानी अमले को भी सक्रिय रखते हुए सूचना तंत्र मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए।बैठक में अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रमोद चतुर्वेदी सहित जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
बड़े बकायादारों से वसूली के लिए बनाएं सूची, नोटिस देकर करें कार्रवाई
राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री तिवारी ने सभी तहसीलदारों को बड़े बकायादारों की सूची तैयार कर उन्हें नोटिस जारी करने और प्रभावी वसूली कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली में प्रत्येक तहसील की प्रगति स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए।उन्होंने आगामी दिनों में बैंकों के साथ प्रस्तावित बैठक का उल्लेख करते हुए तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वसूली से संबंधित प्रगति, समस्याओं और आवश्यक सहयोग की जानकारी बैठक में प्रस्तुत करने के लिए तैयार रखें।
पीएम किसान और फार्मर रजिस्ट्री में धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
कलेक्टर ने पीएम किसान ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री के कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि इन कार्यों की प्रगति की लगातार समीक्षा की जा रही है और प्रत्येक बैठक में तेजी लाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं आना गंभीर विषय है।उन्होंने तहसीलदारों को पीएम किसान ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में तेजी लाकर पात्र किसानों से संबंधित कार्य समय पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
एक से पांच वर्ष तक पुराने राजस्व प्रकरणों के निराकरण पर फोकस
कलेक्टर ने राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए एक से दो वर्ष तथा दो से पांच वर्ष से अधिक अवधि से लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए।उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि नामांतरण और बंटवारे के प्रकरण तीन माह से अधिक लंबित नहीं रहने चाहिए। अभिलेख दुरुस्ती के एक से दो वर्ष एवं दो से पांच वर्ष पुराने लंबित मामलों का भी शीघ्र निराकरण कराने के निर्देश एसडीएम को दिए गए।इसी प्रकार पेशी से गिरे प्रकरणों तथा पीठासीन अधिकारी एवं रीडर आईडी में लंबित मामलों को भी प्राथमिकता से निराकृत करने के निर्देश दिए गए।
लंबित आधार आवेदनों के निराकरण में तेजी लाएं
बैठक में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लंबित आधार आवेदनों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने ऐसे लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
50 दिवस से अधिक पुरानी सीएम हेल्पलाइन शिकायतों को दें सर्वोच्च प्राथमिकता
सीएम हेल्पलाइन में पीएम किसान से संबंधित लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शिकायतों के निराकरण में तत्परता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 50 दिवस से अधिक अवधि से लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किया जाए। फोर्स क्लोज की जाने वाली शिकायतों में जवाब तथ्यात्मक, स्पष्ट और उचित रूप से दर्ज कर जिला कार्यालय को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए गए।कलेक्टर श्री तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व विभाग के कार्यों में समयबद्धता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनके प्रकरणों का नियमानुसार समय-सीमा में निराकरण हो—यह सुनिश्चित करना प्रत्येक राजस्व अधिकारी की जिम्मेदारी है।

