जबलपुर,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वन्य जीव हमारे वनों के आभूषण हैं। इन्हें संजोकर
रखना हम सबका दायित्व है। उन्होंने कहा कि मप्र की धरती पर वन्य जीवों का संरक्षण और संवर्धन
हमारा मिशन है और यह मिशन लगातार भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार सागर के रहली में
वन्य जीव सप्ताह समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीरांगना दुर्गावती
टाइगर रिजर्व में 2 चीते (नर 'व्योम' और मादा 'नीरा') के लिए तैयार किए गए सुरक्षित बाड़े (सॉफ्ट
रिलीज बोमा) में विमुक्त किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर कूनो राष्ट्रीय
उद्यान और गांधी सागर अभयारण्य के बाद नौरादेही टाइगर रिजर्व में चीतों को नया ठिकाना मिला है।
बुंदेलखंड स्थित वीरांगना दुर्गावती अभयारण्य प्रदेश में तीसरा ऐसा स्थान बना है, जहां चीते अपने
अनुकूल प्राकृतिक आवास में स्वच्छंद होकर विचरण करेंगे। नौरादेही में 41 वर्ष पहले टाइगर रिजर्व की
स्थापना हुई थी। यह अभयारण्य सबसे खास होगा, क्योंकि अब नौरादेही में पर्यटकों को चीता और टाइगर
एक ही रिजर्व में विचरण करते नजर आएंगे। मध्यप्रदेश में चीतों की संख्या अब 60 तक पहुंच गई है।
प्रदेश की धरती वन्य प्राणियों के लिए सबसे अनुकूल है। मध्यप्रदेश, देश में सबसे अधिक टाइगर और
गिद्धों की संख्या वाला राज्य है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वन और वन्य प्राणियों की चिंता करते
हुए उनका सभी प्रकार से संरक्षण कर रही है। मध्यप्रदेश में जलचर, थलचर और नभचर सभी प्रकार के
जीवों की संख्या निरन्तर बढ़ रही है। राज्य में नर्मदा मैया के वाहन मगरमच्छ को भी संरक्षण दिया जा
रहा है।
वन समितियों को 20 करोड़ रूपये लाभांश के वितरित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते यह हमारा दायित्व है कि कठिन
समय में क्षेत्र के नागरिकों के लिए साथ खड़े रहें। वन्य जीव सप्ताह के समापन के अवसर पर आज वन
समितियों को उनके लाभांश का वितरण भी किया गया। नौरादेही टाइगर रिजर्व के आसपास पर्यटकों को
घुमाने और उन्हें सुविधाएं प्रदान करने वाली समितियों के सदस्यों को कुल 80 करोड़ की आय में से 20
करोड़ लाभांश

