जबलपुर,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के बारह जिलों क्रमश: आलीराजपुर, धार, झाबुआ,
रतलाम, बैतूल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, हरदा और शाजापुर में सामान्य से कम वर्षा हुई
हैं। आनेवाले दिनों में इन जिलों में जल प्रबंधन का विशेष ध्यान रखना होगा। सर्वोच्च प्राथमिकता
पेयजल को दी जाएं, इसके साथ ही किसानों को कम पानी वाली फसलें लेने के लिए भी प्रेरित किया
जाएं। सामान्य से कम वर्षा वाले जिलों में इस स्थिति से निपटने के लिए वातावरण निर्मित करने में
जल उपभोक्ता समितियां भी अपनी भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश प्रदेश में मानसून
और वर्षा की स्थिति की समीक्षा के लिए मंत्रालय में आयोजित बैठक में दिए। बैठक में राजस्व मंत्री श्री
करण सिंह वर्मा, जल संसाधन श्री तुलसी सिलावट, मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के प्रमुख बांधों, जलाशयों में जलभराव की स्थिति, कम वर्षा वाले जिलों और
उनके जल स्त्रोतों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही नदियों में जलप्रवाह, भू-जलस्तर,
मृदा में नमी जैसे बिंदुओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामान्य से कम वर्षा वाले जिलों में
रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से जलगंगा अभियान के अंतर्गत गतिविधियां आरंभ करने के
संबंध में भी निर्देश दिए। बैठक में राजस्व, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास विभाग के अधिकारी
उपस्थित थे।

