कटनी – नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 के अंतर्गत स्वच्छता नॉलेज पार्टनर संस्था “हिमालयन इंस्टीट्यूट फॉर एनवायरनमेंट, इकोलॉजी एंड डेवलपमेंट हाईफीड द्वारा शुक्रवार की निगम कार्यालय कटनी में स्व सहायता समूह का एक दिवसीय” वेस्ट टू आर्ट एंड थ्री आर प्रैक्टिस विषय पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में लगभग 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया।सिटी मिशन मैनेजर यश रजक ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण के आरंभ में हाईफीड संस्था के प्रतिनिधि संदीप सोनी ने प्रतिभागियों को थ्री आर की आवश्यकता क्यों पड़ी, इससे क्या लाभ है, इसका क्रियान्वयन कैसे किया जाता हैं,इत्यादि बातों की ओर प्रतिभागियों का ध्यान आकर्षित किया गया। थ्री आर प्रैक्टिस में प्रतिभागियों को अवगत कराया गया कि वें अपना सहयोग कैसे कर सकते हैं। थ्री आर के क्रियान्वयन से पर्यावरण पर क्या असर होता हैं। रि यूज में क्या,क्या करेंगे और कचरे के रिसाइकल में अपनी भूमिका कैसे कर सकती हैं आदि की जानकारी से विस्तार पूर्वक उदाहरण सहित समझाया गया। प्रतिभागियों को कूड़ा और कचरे में क्या अंतर होता हैं, कचरा कितने प्रकार का होता है बताया गया। कचरे को कम कैसे करना है, कचरे को दोबारा उपयोग कैसे करना है और कचरे को रिसाइकल कैसे किया जाता हैं। थ्री आर की आवश्यकता क्यों पड़ी, इसका क्रियान्वयन कैसे किया जाता है, इससे क्या लाभ होता हैं, सभी बातें प्रतिभागियों को विस्तार से समझाई गई। इसी मध्य ई कचरे के निपटान से संबंधित एक शार्ट मूवी का भी प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि आपको थ्री आर को अपने जीवन में वास्तविक रूप से अपनाकर आजीविका के साधन खोजने होगें।संस्था के प्रतिनिधि श्री दर्पण चौबे जी द्वारा प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को बताते हुए उन्होंने कहा कि कचरे से कला सृजन कर आर्थिक लाभ कमाने के संबंध में आइडिया/टिप्स आपको दिए जाएंगे। उन्होंने प्रतिभागियों को अवगत कराया कि आप अपने द्वारा किए गए प्रोडक्ट का प्रचार प्रसार हेतु सोशल मीडिया गुगल, मिसाओ, अमेजन, फ्लिपकार्ट आदि प्लेटफार्म पर पंजीयन की जानकारी भी दी गई।इसके पश्चात संस्था के विषय विशेषज्ञ श्री अंकित द्विवेदी जी ने कचरे से कला के निर्माण के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि फूलों से अगरबत्ती बनाना, सब्जी मंडी के कचरे से खाद बनाना, घरेलू बेकार सामग्री जैसे प्लास्टिक की बॉटल, गत्ते, थर्माकोल, पुराने अखबार , पुरानी चूड़ी, पुराने कपड़े आदि से आकर्षक खिलौने, सजावट का सामान तैयार करना सिखाया गया] पॉलीथिन,पाउच के कचरे से भी नई वस्तु का सृजन कर वातावरण को शुद्ध रखने के तरीकों पर भी चर्चा की गई।
प्रशिक्षण में नगर पालिक निगम के अधिकारी कर्मचारियों, राष्ट्रीय आजीविका मिशन टीम, स्वच्छ भारत मिशन टीम कटनी सहित हाई फीड संस्था के विषय विशेषज्ञ श्री अंकित द्विवेदी, संस्था प्रतिनिधी श्री दर्पण चौबे, श्री संदीप सोनी उपस्थित रहें।









