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मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान की उपस्थिति में 7 फरवरी को सीहोर में होगा राष्ट्रीय सम्मेलन

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जबलपुर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में सीहोर जिले के अमलाहा स्थित खाद्य दलहन अनुसंधान केंद्र में 7 फरवरी को दलहन आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय मिशन अंतर्गत राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन में उत्पादन एवं उत्पादकता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श होगा। दलहन क्षेत्र की मूल संवेदनाओं, वर्तमान चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। देश के प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारीगण, दलहन अनुसंधान से जुड़े वैज्ञानिक, सरकारी
बीज उत्पादक संस्थाएँ, दाल उद्योग से संबंधित प्रतिनिधि एवं अन्य सहयोगी एजेंसियाँ भाग लेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री श्री चौहान द्वारा खाद्य दलहन अनुसंधान केंद्र की अत्याधुनिक सुविधाओं का लोकार्पण भी किया जाएगा। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि सम्मेलन में दलहन उत्पादन को सुदृढ़ करने, किसानों की आय बढ़ाने तथा उन्नत तकनीकों के माध्यम से उत्पादकता सुधार पर अपने विचार साझा किये जायेंगे। यह सम्मेलन दलहन क्षेत्र में नीति निर्धारण और अनुसंधान में मील का पत्थर साबित होगा। सम्मेलन का उद्देश्य किसानों तक नवीन शोध, गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक खेती पद्धतियों तथा बाज़ार से जुड़ी जानकारी पहुँचाना है, जिससे दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सके। साथ ही विभिन्न राज्यों के अनुभवों के आदान-प्रदान से राष्ट्रीय स्तर पर दलहन विकास की दिशा में ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।

इन राज्यों के कृषि मंत्री होंगे शामिल

राष्ट्रीय सम्मेलन में उड़ीसा से श्री कनकवर्धन सिंह देव, पंजाब से सरदार गुरुमीत सिंह खुडियन, छत्तीसगढ़ से श्री रामविचार नेताम, बिहार से श्री राम कृपाल यादव, गुजरात से श्री रमेशभाई कटारा, उत्तर प्रदेश से श्री सूर्य प्रताप साही, हरियाणा से श्री श्याम सिंह राणा, पश्चिम बंगाल से सोवानदेव चट्टोपाध्याय शामिल होंगे। कार्यक्रम की शुरूआत 7 फरवरी को सुबह 10:45 बजे पौध-रोपण से होगी। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान कृषि की उन्नत प्रोद्योगिकियों एवं दलहन की नई किस्मों का अवलोकन करेंगे और
किसानों से संवाद करेंगे। वे यहाँ प्रशासनिक भवन, किसान प्रशिक्षण केन्द्र और पादप जीनोमिक्स, ऊतक संवर्धन, प्रजनन एवं रोग विज्ञान से संबंधित अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का उद्घाटन भी करेंगे। साथ ही दलहन के उन्नत बीज, उत्पाद एवं तकनीक से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन करने के वाद दलहन आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय मिशन  पर राष्ट्रीय परामर्श शुरू होगा। सम्मेलन में पल्सेस मिशन पोर्टल  भी लाँच होगा और प्रगतिशील किसानों को उन्नत किस्मों के बीजों का प्रतीकात्मक वितरण भी किया
जायेगा।


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