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डेटा एनालिसिस से गेहूं उपार्जन पर रखी जायेगी नज़र कलेक्‍टर ने किया एआई सेल का गठन

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जबलपुj
जिले में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान गेहूं उपार्जन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने
के लिए कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिले में बिचौलियों पर लगाम कसने और
वास्तविक किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से "डेटा एनालिसिस थ्रू डीप डाइव
इन एग्रीकल्‍चर – थ्रू जनरेटिव एआई" सेल का गठन किया गया है।
जनरेटिव एआई सेल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप डेटा एनालिसिस के माध्यम से उपार्जन संबंधी
विभिन्न पोर्टलों, जैसे कृषि विभाग, मंडी, परिवहन और राजस्व के आंकड़ों का गहन अध्ययन करेगा। इस
तकनीक के इस्तेमाल से संदिग्ध गतिविधियों और डेटा में होने वाले अप्रत्याशित बदलावों की पहचान कर
शासन को होने वाली राजस्व हानि को रोका जा सकेगा।
कलेक्‍टर श्री सिंह ने इस विशेष सेल की कमान संयुक्त कलेक्टर पुष्पेंद्र अहाके को सौंपी है। उन्‍हें सेल
का नोडल अधिकारी नियुक्‍त किया गया है। सहायक आपूर्ति अधिकारी प्रमोद मिश्रा, अतिरिक्त जिला
सूचना विज्ञान अधिकारी आदित्य सिंह और जिला ई-गवर्ननेंस मैनेजर चित्रांशु त्रिपाठी सहित कुल नौ
विशेषज्ञों को इस सेल में शामिल किया गया है। इनमें आईटीआई और पॉलीटेक्निक महाविद्यालय के
विषय विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
कलेक्टर ने जिला आपूर्ति नियंत्रक एवं कृषि उपज मंडी समितियों के सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे
पिछले तीन वर्षों के कृषक पंजीयन, धान और गेहूं विक्रय की मात्रा और भुगतान संबंधी संपूर्ण डेटा इस
सेल को उपलब्ध कराएं। एआई सेल उपलब्ध डेटा का विश्लेषण कर अपनी रिपोर्ट जिला उपार्जन समिति
की बैठक में प्रस्तुत करेगी। एआई सेल के नोडल अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे पोर्टल पर
होने वाली खरीदी के डेटा में किसी भी प्रकार के अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव, जैसे एक ही दिन में अत्यधिक
मात्रा में खरीदी या अन्य संदिग्ध पैरामीटर्स की जांच कर प्रतिदिन होने वाली बैठक में रिपोर्ट दें।


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