कटनी – रबी वर्ष 2026-27 में किसानों को उनकी फसल के लिए आवश्यक उर्वरक सुव्यवस्थित एवं अग्रिम रूप से उपलब्ध कराने, उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने तथा किसानों को शासन की कृषि संबंधी डिजिटल सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में “एग्रीटेक, पैक्स सदस्यता एवं अग्रिम उर्वरक उठाव अभियान” 20 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दायित्व सौंपते हुए निर्देश जारी किए हैं।
अभियान के तहत किसानों की फार्मर आईडी तैयार करने, लंबित मैपिंग प्रकरणों का निराकरण, पैक्स में अधिकाधिक किसानों को सदस्य बनाने, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाने तथा किसानों को अग्रिम उर्वरक उठाव की सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही पात्र कृषक सदस्यों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने तथा ई-विकास प्रणाली एवं ई-टोकन में उपलब्ध सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
अभियान के दौरान किसानों एवं आमजन को ई-टोकन प्रणाली में उपलब्ध सुविधाओं का लाइव प्रदर्शन भी किया जाएगा। किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, अत्यधिक उर्वरक के दुष्प्रभाव, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर जैविक उर्वरकों के उपयोग, फसल विविधीकरण एवं नगदी फसलों के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी।
अनुभाग स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त
ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की आवश्यक व्यवस्थाओं एवं सुचारू क्रियान्वयन के लिए अनुभाग स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को नोडल अधिकारी तथा तहसीलदार को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर के लिए स्थल उपलब्ध कराने, अभियान का प्रचार-प्रसार एवं मुनादी कराने की जिम्मेदारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत को सौंपी गई है।
विभागीय अधिकारियों को अलग-अलग दायित्व
अभियान में पैक्स में नए सदस्यों को जोड़ने, किसानों के क्रेडिट कार्ड बनवाने, अग्रिम उर्वरक उठाव, शून्य ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने तथा ई-विकास प्रणाली के टोकन जनरेट करने सहित अन्य गतिविधियों के लिए सहायक आयुक्त सहकारिता एवं जिला प्रबंधक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जिम्मेदार रहेंगे।
इसी प्रकार किसानों को ई-टोकन जनरेट करने का प्रशिक्षण देने, ई-विकास पोर्टल की सुविधाओं से अवगत कराने, संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करने तथा अग्रिम उर्वरक उठाव एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड आधारित कृषि के संबंध में जानकारी देने की जिम्मेदारी उपसंचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग को सौंपी गई है। उन्हें प्रतिदिन आयोजित शिविरों की संकलित जानकारी भी प्रस्तुत करनी होगी।
फार्मर आईडी बनाने पर रहेगा विशेष जोर
अभियान के दौरान पटवारी स्तर पर परिमार्जन संबंधी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, उनकी ग्रामवार सूची तैयार कर मिशन मोड में फार्मर आईडी तैयार की जाएगी। इसके लिए अनुविभागीय अधिकारियों द्वारा दिनांकवार कैलेंडर के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को शासन के निर्देशों के अनुरूप अभियान का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने तथा कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।

