कटनी – नकली एवं संदिग्ध मदिरा की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने शराब की पहचान एवं सुरक्षित खरीद को लेकर सावधानी और सतर्कता बरतने का आग्रह किया है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि शराब का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है,लेकिन सही जगह से खरीदारी, बिल लेना और क्यूआर कोड से जानकारी का मिलान—नकली शराब से बचाव के महत्वपूर्ण कदम हैं।
आबकारी विभाग के अनुसार शराब खरीदते समय बोतल के लेबल, सील और क्यूआर कोड की जांच करना बेहद जरूरी है। बोतल पर लगे लेबल के रंग और सील की निर्धारित आकृति में किसी प्रकार का अंतर दिखाई देने पर शराब के नकली होने की आशंका हो सकती है।
क्यूआर कोड बताएगा शराब की असली पहचान
जिला आबकारी अधिकारी विभा मरकाम ने बताया कि बोतल पर अंकित क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन कर ग्राहक मदिरा की महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि कर सकते हैं। क्यूआर कोड स्कैन करने पर ब्रांड, बॉटलिंग इकाई, बैच क्रमांक, बैच दिनांक और लेबल क्रमांक जैसी जानकारी प्रदर्शित होती है। ग्राहक को क्यूआर कोड से प्राप्त जानकारी का मिलान बोतल पर अंकित विवरण से करने की सलाह दी गई है। जानकारी में अंतर मिलने पर मदिरा संदिग्ध हो सकती है।
देशी मदिरा के लेबल का रंग नारंगी और विदेशी मदिरा के लेबल का रंग नीला होता है। बोतल की सील पर निर्धारित नारंगी डायमंड आकृति भी पहचान का महत्वपूर्ण आधार है।
संदेह हो तो सेवन नहीं, तत्काल दें सूचना
आबकारी विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि शराब के स्वाद, गंध, रंग अथवा गुणवत्ता में किसी तरह का असामान्य परिवर्तन महसूस होने पर उसका सेवन न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल आबकारी विभाग को आबकारी कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 07622-231217 पर सूचना देकर संदिग्ध मदिरा के संबंध में जानकारी दें सकते हैं।इसलिए केवल लाइसेंसी मदिरा दुकान से ही शराब खरीदें और दुकानदार से बिल अवश्य प्राप्त करें।


