कटनी – नवरात्रि एवं विजयादशमी पर्व हमारी आस्था, श्रद्धा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। मां दुर्गा की आराधना के इस पावन पर्व के समापन के अवसर पर नगर की धार्मिक परंपराओं के साथ भंडारा एवं प्रसाद वितरण के दौरान स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाना भी हम सभी का कर्तव्य है। इसी उद्देश्य के साथ महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी, नगर निगम अध्यक्ष श्री मनीष पाठक एवं निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने समस्त नागरिकों, दुर्गा समितियों एवं श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नवरात्रि पर्व को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाएं।नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित जलकुण्डों में ही करें। नदी, तालाबों एवं अन्य प्रतिबंधित स्थलों पर प्रतिमा विसर्जन से बचें और धार्मिक आस्था के साथ जलस्रोतों की स्वच्छता एवं पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लें।
दुर्गा समितियां बनें स्वच्छता अभियान की सहभागी
नगर निगम ने सभी दुर्गा समितियों से विशेष अपील की है कि वे अपने पंडालों के आसपास और जुलूस मार्गों पर स्वच्छता बनाए रखने को प्राथमिकता दें। पंडालों पर डस्टबिन जरूर रखवाएं, ताकि धार्मिक आयोजन के साथ स्वच्छता का संदेश भी पूरे शहर में पहुंचे। निगम प्रशासन की टीम सुचारू सफाई व्यवस्था के लिए मुस्तैद है। व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए आम नागरिकों श्रद्धालुओं और दुर्गा समिति के पदाधिकारियों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्लास्टिक छोड़ें, पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाएं
निगम प्रशासन ने नागरिकों, आयोजन समितियों एवं दुकानदारों से भंडारा एवं प्रसाद वितरण के दौरानअमानक प्लास्टिक के स्थान पर कागज और पत्तों से निर्मित पत्तल, दोना, गिलास एवं कटोरी जैसी पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग करने की अपील की है। छोटे-छोटे प्रयासों से प्लास्टिक कचरे को कम किया जा सकता है और शहर को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।नगर निगम प्रशासन ने सभी नागरिकों एवं दुर्गा समितियों से भावपूर्ण अपील करते हुए कहा है कि मां दुर्गा की आराधना तभी और भी सार्थक होगी, जब हम उनके आगमन से लेकर विदाई तक अपने शहर को स्वच्छ रखने का संकल्प निभाएंगे। आइए, इस नवरात्रि एवं बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व पर सभी संकल्प लें कि न गंदगी फैलाएंगे, न फैलाने देंगे; प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित जलकुण्डों में ही करेंगे और पर्यावरण संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।


