जबलपुर,‘‘न्याय सबके लिए’’ की अवधारणा को साकार करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्णमूर्ति मिश्र के मार्गदर्शन में शनिवार 12 सितंबर को जिला न्यायालय जबलपुर, तहसील न्यायालय सिहोरा एवं पाटन तथा कुटुम्ब न्यायालय एवं श्रम न्यायालय जबलपुर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया
गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव के अनुसार नेशनल लोक अदालत में कुल 10,264 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 65 करोड़ 67 लाख 64 हजार 222 रुपये की राशि का अवार्ड पारित किया गया। प्रकरणों के निराकरण के लिए कुल 77 खंडपीठों का गठन किया गया था। लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित 3,480 प्रकरणों एवं 6,784 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया।
लोक अदालत में आपराधिक शमनीय प्रकृति के 494 प्रकरण, धारा 138 एन.आई. एक्ट के 316 प्रकरण, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा के 1,173 प्रकरण, सिविल मामलों के 44 प्रकरण, विवाह संबंधी 98 प्रकरण, विद्युत अधिनियम के अंतर्गत 160 प्रकरण तथा अन्य प्रकृति के 61 लंबित प्रकरणों का निराकरण कियागया। नेशनल लोक अदालत में धारा 138 एन.आई. एक्ट के प्रकरणों में कुल 6 करोड़ 54 लाख 38 हजार 736 रुपये की समझौता राशि के निर्णय किए गए। मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा के प्रकरणों में 43 करोड़ 69 लाख 39 हजार 519 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई। विद्युत न्यायालयों में लंबित 160 प्रकरणों में 28 लाख 39 हजार 19 रुपये की राशि की वसूली हुई। इसी प्रकार ट्रैफिक चालान के 767 प्रकरणों में 1 लाख 98 हजार 800 रुपये की राशि वसूल की गई। बैंक संबंधी मामलों में बैंक रिकवरी के 296 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों के निराकरण के पश्चात 20,807 रुपये की समझौता राशि लोक अदालत में प्राप्त
हुई। नेशनल लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य समझौते के माध्यम से पक्षकारों के मामलों का निराकरण करना था, जिससे आमजन को सुलभ, शीघ्र एवं निःशुल्क न्याय प्राप्त हो सके।


