जबलपुर,
मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार प्रदान करने
चलाये जा रहे स्वामित्व दस्तावेजों के पंजीयन अभियान में आज धनतेरस के शुभ अवसर पर जिले
के 13 ग्रामों में आयोजित किये गये कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों द्वारा ग्रामीणों को नि:शुल्क रजिस्ट्री
कर उनकी आवासीय भूमि के अधिकार अभिलेख प्रदान किये गये। इसी के साथ जिले में अभी तक
मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत 61 हजार 521 स्वामित्व अधिकार अभिलेखों का पंजीकरण पूरा हो
चुका है।
मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के अंतर्गत नि:शुल्क रजिस्ट्री कर ग्रामीणों को उनकी आवासीय भूमि के
अधिकार अभिलेख प्रदान करने धनतेरस पर आयोजित कार्यक्रमों में से सांसद श्री आशीष दुबे ने कंटगी
तहसील के ग्राम सिंदरी, विधायक श्री अजय विश्नोई ने पाटन तहसील के ग्राम पवई, विधायक श्री सुशील
तिवारी इंदु ने पनागर तहसील के ग्राम पिपरिया, विधायक श्री नीरज सिंह ने गोरखपुर तहसील के ग्राम
पडुवा, शहपुरा तहसील के ग्राम पहाड़ीखेड़ा एवं जबलपुर तहसील के ग्राम नारायणपुर, घाट पिपरिया और
खुर्सी, विधायक श्री संतोष बरकड़े ने कुंडम तहसील के ग्राम अमेरा एवं सिहोरा तहसील के ग्राम पौडीखुर्द,
जनपद पंचायत अध्यक्ष मझौली श्रीमती विद्या दिनेश चौरसिया ने पोंडा तहसील के ग्राम आमी तथा
नगर परिषद मझौली की अध्यक्ष श्रीमती क्षिप्रा राजेन्द्र चौरसिया ने मझौली तहसील के ग्राम कांकरदेही
में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों को कानूनी दस्तावेज प्रदान किये।
राज्य शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को उनके आवासीय अधिकारों
के विधिवत पंजीकृत अभिलेख उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से ग्रामीण अभिलेखधारी बैंकों और
अन्य वित्तीय संस्थाओं के समक्ष अपनी संपत्ति के दस्तावेजी आधार को मजबूत कर आसानी से ऋण और
अन्य वित्तीय सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
योजना का क्रियान्वयन एमपीईसेवा, एसएएआरए और संपदा मोबाइल एप्लीकेशनों के जरिए किया जा रहा
है। इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए पटवारी को निष्पादक तथा तहसीलदार, नायब तहसीलदार,
राजस्व निरीक्षक, जनपद सहायक विकास विस्तार अधिकारी और पंचायत समन्वय अधिकारी को उप-
पंजीयक के विशेष अधिकार प्रदान किए गए हैं।