Home इंदौर जिला प्रशासन के संयुक्त जांच दल द्वारा कार्रवाइयों का सिलसिला सतत् जारी...

जिला प्रशासन के संयुक्त जांच दल द्वारा कार्रवाइयों का सिलसिला सतत् जारी कांटी के मारूति वेयरहाउस से 5070 बोरियों में मिली 2 हजार क्विंटल अवैध धान मंडी अधिनियम व प्रावधानों के तहत लगा करीब ढ़ाई लाख रुपए का जुर्माना बाकल के समर्थ ट्रेडर्स में भंडारित 1500 क्विंटल धान की निकासी पर रोक

34
0

कटनी – समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने के पहले से ही कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर दलालों, व्यापारियों व बिचौलियों के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा सख्ती बरतते हुए तैयार पुख्ता सुनियोजित रणनीति और कारगर सूचना व सुदृढ़ निगरानी तंत्र की बदौलत संयुक्त जांच दल द्वारा निरंतर कार्यवाहियां की जा रहीं हैं।इस दल ने विजयराघवगढ़ के ग्राम कांटी स्थित मारूति वेयरहाउस के खुले परिसर एवं समीप में स्थापित छोटे गोदाम से 5 हजार 70 बोरियों में 2 हजार 28 क्विंटल अवैध धान पर मंडी अधिनियम के प्रावधानों के तहत करीब ढ़ाई लाख रुपए का जुर्माना किया गया है।राजस्व विभाग, कृषि विभाग, खाद्य विभाग एवं कृषि उपज मंडी की संयुक्त टीम द्वारा मारूति वेयरहाउस का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान  गोदाम मे  2 हजार 28 क्विंटल धान भण्डारित  पाई गई।जिसका मौका पंचनामा कर अभिकथन लिया गया।कलेक्टर श्री तिवारी अवैध धान भंडारण व परिवहन के हर मामले पर पैनी नजर रखते हैं।

अभिलेख उपलब्ध करायें

कलेक्टर श्री तिवारी ने जिले के समस्त वेयरहाउस संचालकों को उपजों के भंडारण संबधी आवश्यक अभिलेख जैसे-बी-1 खसरा, गिरदावरी, आधारकार्ड एवं सिकमी पटट्टा की एक प्रति प्रशासन द्वारा मांग करने पर उपलब्ध कराने की अनिवार्यता से सभी भंडारणकर्ताओं को निर्देशित किया गया था। लेकिन मारूति वेयरहाउस कांटी के निरीक्षण मे वेयरहाउस  संचालक ग्राम बरखेड़ा बडवारा निवासी कमल साहू ,कृषको के वांछित अभिलेख मौके पर प्रस्तुत नही कर सके । कृषको के पंजीयन की छायाप्रति ही मौके पर प्रदाय की गई, विवेचना किये जाने पर कृषको के वांछित अभिलेख न होने एवं वेयरहाउस मे खरीदी तारीख के पूर्व  से ही धान के भंडारण होने से  म०प्र० कृषि गोदाम अधिनियम 1947, भण्डागारपाल,भण्डागारण (विकास और विनियम) अधिनियम 2007 के अन्तर्गत कृषि उपज की पहचान बनाये रखना अनिवार्य होता है।इन नियमों के उल्लंघन के कारण कृषकों के नाम से भण्डारित 2 हजार 28क्विंटल धान का अवैध भण्डारण होना प्रमाणित पाया गया है।कृषि उपज के कृषको के नाम से भण्डारित जिंस धान के अवैध भण्डारण पर म०प्र० कृषि उपज मण्डी अधिनियम 1972 की धारा 19 (4) के तहत मात्रा 5 हजार 70 बोरी धान जो प्रति बोरी 40 किलोग्राम की भर्ती में पाई गई। इन सभी बोरियों के धान के वास्तविक वजन-2 हजार 28 क्विंटल  पर 2 लाख 49 हजार 444 रूपए का जुर्माना लगाया गया है। जिसमें अधिरोपित दाण्डिक राशि दर 2 हजार 50 रूपए प्रति क्विंटल के मान से कीमत 41 लाख 57 हजार 400 रूपए पर देय दाण्डिक मण्डी शुल्क 2 लाख 7 हजार 870 रूपए एवं दाण्डिक निराश्रित सहायता राशि 41 हजार 574 रूपए को मिला कर कुल  2 लाख 49 हजार 444 रूपए की राशि 7 दिवस मे मण्डी कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए गए।अन्यथा की स्थिति मे भू-राजस्व की भांति वसूली की कार्यवाही की जायेगी,जिसकी जवाबदारी वेयरहाउस की होगी।

बाकल में धान निकासी पर रोक

 बाकल स्थित समर्थ ट्रेडर्स के गोदाम का निरीक्षण  संयुक्त जाँच दल द्वारा किया गया। मौके पर गोदाम के भीतर करीब 1500 क्विंटल धान का भण्डारण पाया गया। गोदाम प्रोप्राइटर शैलेन्द्र जैन को निर्देशित किया गया कलेक्टर श्री तिवारी ने व्यापारियों द्वारा क्रय कर भंडारित धान की निकासी पर 20 जनवरी तक प्रतिबंध लगाया है। निरीक्षण दल में नायब तहसीलदार आकाशदीप नामदेव, सहायक आपूर्ति अधिकारी पियूष शुक्ला और मंडी निरीक्षक प्रशांत मौर्य व सुधीर त्रिपाठी मौजूद रहे।


Google search engine

Google search engine

Google search engine




Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here