Home इंदौर अमानक बीज का विक्रय करने पर 4 विक्रेताओं का विक्रय प्राधिकार निलंबित...

अमानक बीज का विक्रय करने पर 4 विक्रेताओं का विक्रय प्राधिकार निलंबित कलेक्‍टर श्री तिवारी के सख्त निर्देश, किसानों को अमानक खाद-बीज एवं कीटनाशक देने वाले विक्रेताओं को बख्शा न जाए

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कटनी – किसानों को गुणवत्ता पूर्ण खाद-बीज एवं कीटनाशकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने सघन जांच अभियान चलाने और प्रयोगशाला में नमूनों की जांच करवा कर अमानक खाद-बीज एवं कीटनाशक औषधि विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा दिए गए निर्देश के पालन में अमानक बीज का विक्रय करने पर जिले के 4 विक्रेताओं का बीज विक्रय विक्रय प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।यह कार्रवाई दुकान से लिए गए बीजों के नमूने प्रयोगशाला जांच में अमानक पाये जाने के बाद बीज गुण नियंत्रण आदेश 1983 की धारा 15 के अंतर्गत की गई है।

इन पर हुई कार्रवाई

कलेक्टर श्री तिवारी के निर्देश पर की गई इस कार्यवाही के संबंध में अनुज्ञापन अधिकारी एवं उपसंचालक किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास डॉ. आर एन पटेल ने बताया कि मेसर्स जनता बीज भण्डार (प्रो.  हिमांशु थारवानी) पहरूआ मंडी रोड कटनी,  के बीज विक्रय संस्थान से लिया गया बीज उत्पादक संस्था- महागुजरात सीड प्रा. लिमिटेड का सरसों बीज नमूना किस्म सरिता-333 टीएल प्रयोगशाला जांच में अमानक स्तर का पाया गया। इसलिए मेसर्स जनता बीज भण्डार को प्रदाय किया बीज विकय प्राधिकार पत्र रजिस्टेशन, जो 27 फ़रवरी 2029 तक वैध था,को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।इसी प्रकार मेसर्स किसान कृषि सेवा केंन्द्र (प्रो. शिवा पटेल) स्लीमनाबाद विकासखण्ड बहोरीबंद के बीज विक्रय संस्थान से बीज उत्पादक संस्था- जेता सीड्स प्रा. लिमिटेड का लिया गया गेहूँ बीज नमूना किस्म डी बी डब्ल्यू-303 सी एस प्रयोगशाला जांच में अमानक स्तर का पाया गया।मेसर्स किसान कृषि सेवा केंन्द्र को जारी बीज विक्रय प्राधिकार पत्र,जिसकी वैधता अवधि 23 अगस्त 2029 तक थी,को तत्काल प्रभाव से निलंबित  कर दिया गया है। इसके अलावा मेसर्स अग्रहरि कृषि केंन्द्र (प्रो. मनोज अग्रहरि) स्लीमनाबाद विकासखण्ड बहोरीबंद,  के बीज विक्रय संस्थान से बीज उत्पादक संस्था- भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा लिया गया गेहूँ बीज नमूना किस्म डी बी डब्ल्यू-303  सी एस को प्रयोगशाला जांच में अमानक स्तर का पाया गया। इसलिए मेसर्स अग्रहरि कृषि केंन्द्र को प्रदाय किया गया 30 जुलाई 2027 तक के लिए वैध बीज विक्रय प्राधिकार पत्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।इसके अतिरिक्त मेसर्स माँ दुर्गा कृषि केंन्द्र (प्रो. सचिन गुप्ता) बहोरीबंद को बीज नियंत्रण आदेश 1983 के नियम-8 (ए) एवं 8 (बी) तथा नियम-9 एवं 18(1) के उल्लंघन बावत “कारण बताओं नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर जबाव प्रस्तुत करने हेतु कहा गया था। लेकिन संबंधित  द्वारा कोई जबाव प्रस्तुत नहीं किया गया। इसलिए मेसर्स माँ दुर्गा कृषि केंन्द्र को प्रदाय  12 जुलाई 2028 तक के लिए वैध प्राधिकार पत्र को निरस्त कर दिया गया है और संबंधित विक्रेता संस्थान को निर्देशित किया गया है कि वे संस्थान में उपलब्ध समस्त फसल बीज स्कन्धों का विक्रय एक माह की अवधि के अन्दर कर लें, अन्यथा एक माह पश्चात् शेष बचे बीजों को राजसात कर लिया जावेगा।

किसान हित सर्वोपरि

          कलेक्टर श्री तिवारी ने उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, टैगिंग, मिस ब्रांडिंग, गुणवत्ताहीन उर्वरक एवं कीटनाशकों की बिक्री करने वाले और अवैध परिवहनकर्ताओं सहित इस प्रकार के कार्यों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत एफआईआर कराने जैसी कार्रवाई के भी सख्त निर्देश कृषि अधिकारियों को दिए हैं। कलेक्टर श्री तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अन्नदाता, किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी करने और अधिक मूल्‍य पर और अमानक खाद-बीज व कीटनाशक बेचने वाले विक्रेताओं को बख्शा नहीं जाए, सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाये और खाद-बीज व कीटनाशी औषधि विक्रेताओं का लायसेंस निलंबित करें।


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