जबलपुर,
मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने आज जबलपुर प्रवास के दौरान शासन के महत्वाकांक्षी ’जल गंगा संवर्धन अभियान’ में सक्रिय सहभागिता की। ऐतिहासिक रानीताल तालाब पहुँचकर उन्होंने न केवल श्रमदान किया, बल्कि उपस्थित जनसमूह को जल स्रोतों के संरक्षण और उनके जीर्णोद्धार का संकल्प भी दिलाया।
श्रमदान से दिया स्वच्छता का संदेश
अभियान के दौरान उपमुख्यमंत्री ने स्थानीय गणमान्यजनों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ मिलकर तालाब परिसर की सफाई की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और हमारे पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए आह्वान किया कि जल संरक्षण केवल अभियान नहीं, बल्कि एक पुनीत सामाजिक कर्तव्य है।
नागरिकों से सहभागिता की अपील
उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की कि वे अपने आस-पास के नदी, तालाबों और कुओं को स्वच्छ रखने में अपना योगदान दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि “जल संचयन और संरक्षण“ के माध्यम से ही हम आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और हरा-भरा भविष्य दे पाएंगे। उन्होंने एक नारा देते हुए कहा कि जब जन-जन जुड़ेगा, तभी जल बचेगा। रानीताल की यह स्वच्छता
और संकल्प जबलपुर के जल संरक्षण की दिशा में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। उपमुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने सभी जनप्रतिनिधियों के साथ भंवरताल गार्डन पहुंचकर जल संरक्षण के लिए बनाये गये सोकपिट का अवलोकन किया और उन्होंने जल संचय के लिए सोकपिट बनाने के लिए श्रमदान भी किया।
इस मौके पर महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, सांसद श्रीमती सुमित्रा बाल्मीक, आशीष दुबे, विधायक डॉं. अभिलाष पाण्डेय, अशोक ईश्वरदास रोहाणी, सुशील तिवारी इंदू, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, महानगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, एम.आई.सी. सदस्य श्रीमती रजनी कैलाश साहू, डॉं. सुभाष तिवारी, श्रीमती अंशुल राघवेन्द्र यादव, विवेक राम सोनकर, कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार सहित अन्य अधिकारियों कर्मचारियों ने भी श्रमदान कर
स्वच्छता और जल संचयन का संकल्प लिया।












