कटनी – प्रदेश में उर्वरक वितरण व्यवस्था को अधिक सुगम एवं पारदर्शी बनाने हेतु किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा ई-विकास प्रणाली 2.0 से उर्वरक विक्रय सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। ई-विकास प्रणाली 2.0 के माध्यम से उर्वरक विक्रय की व्यवस्था सभी प्रकार के रिटेल उर्वरक विक्रेताओं, निजी एवं सहकारी पर लागू होगी। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने उप संचालक कृषि को निर्देशित किया है कि जिले में उर्वरकों का वितरण ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ही किया जाए।राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के तहत ई-विकास प्रणाली के संबंध में विभिन्न किसान संगठनों, निजी विक्रेताओं एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स के प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त करने तथा प्रणाली के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया था। समिति से प्राप्त सुझावों को ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली 2.0 में अंगीकृत किया गया है, जिससे पोर्टल को अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया गया है।
बिना किसी बंधन के मनचाहा उर्वरक खरीद सकेंगे किसान
ई-विकास प्रणाली 2.0 में किसान अपनी इच्छानुसार किसी भी एक उर्वरक का बिना किसी बंधन के क्रय कर सकता है। आईसीएआर की फसलवार अनुशंसा के अनुसार अथवा उससे अधिक मनचाहा उर्वरक किसान प्रथम बार में ही क्रय कर सकता है। अतिरिक्त उर्वरक लेने के लिए पूर्व में लागू 50 शब्दों में कारण लिखने की बाध्यता को हटाकर अब ड्रॉपडाउन के माध्यम से कारण चयन की सुविधा दी गई है।पोर्टल पर फसलवार आईसीएआर की अनुशंसा के अनुसार विभिन्न उर्वरक समूहों की जानकारी भी प्रदर्शित की जा रही है, जिससे किसान अपनी पसंद के उर्वरक समूह का चयन कर सकेगा। साथ ही ई-विकास प्रणाली 2.0 में उर्वरक की गणना प्रति हेक्टेयर की गई है।
मार्कफेड के डबल लॉक केन्द्रों पर बढ़ाई गई सुविधा
मार्कफेड के डबल लॉक केन्द्रों पर प्रतिदिन 300 से अधिक टोकन जनरेट करने की आवश्यकता होने पर टोकन की संख्या बढ़ाने की सुविधा दी गई है। इसके साथ ही मार्कफेड के डबल लॉक केन्द्रों में आवश्यकतानुसार अधिकतम उर्वरक का भंडारण किया जाएगा और इसके लिए ऑटोमेटेड व्यवस्था बनाई जा रही है।
24 घंटे बाद टोकन निरस्त करने की सुविधा
ई-विकास प्रणाली 2.0 के तहत किसान द्वारा टोकन जनरेट करने के 24 घंटे पश्चात टोकन निरस्त करने की सुविधा भी उपलब्ध करा दी गई है। फसल खराब होने की स्थिति में किसान द्वारा पुनः उर्वरक की मांग करने के लिए एक्सेप्शन हैंडलिंग की सुविधा दी गई है। एक्सेप्शन हैंडलिंग में प्राप्त प्रकरणों को तहसीलदार अथवा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा 48 घंटे के भीतर अनुमोदित किया जाएगा।
ई-विकास हेल्पलाइन पर दर्ज करा सकेंगे समस्या
ई-विकास प्रणाली से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए किसान ई-विकास हेल्पलाइन नंबर 7880223344 पर प्रत्येक शासकीय कार्य दिवस में प्रातः 10 बजे से शाम 6 बजे तक अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं।
वाट्सएप बॉट से टोकन जनरेट करने की सुविधा
ई-विकास 2.0 के तहत मोबाइल पर वाट्सएप बॉट के माध्यम से टोकन जनरेट करने की सुविधा भी शीघ्र उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें किसान वाट्सएप पर हेल्प/ मदद लिखकर टोकन, रिटेलर, उर्वरक, उठाव तिथि एवं टोकन की वैधता की जानकारी प्राप्त कर उर्वरक का क्रय कर सकेगा। यह पहल मध्यप्रदेश में तकनीक आधारित एवं किसान हितैषी डिजिटल सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी, जिसे देश में पहली बार किया जा रहा है।


