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क्षेत्र भ्रमण के दौरान कृषि अधिकारियों ने किया किसानों की समस्याओं का मौके पर समाधान मूंग और उड़द की फसल को पीतशिरा रोग व फली छेदक कीट से बचाने तथा धान और मक्का की फसलों के लिए दी गई सलाह

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कटनी  – कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने गुरुवार को कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की हितग्राहीमूलक योजनाओं एवं कार्यक्रमों की संयुक्त समीक्षा की। इस दौरान कलेक्‍टर ने अधिकारियों को जिले में मखाना की खेती के लिए तालाब चिन्हित करने और इसकी खेती के लिए किसानों को प्रोत्‍साहित करने के निर्देश दिए।

          इस दौरान जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर, उपसंचालक कृषि श्री खेलावन डेहरिया, सहायक संचालक मत्स्य श्री आशीष नायक, सहायक संचालक उद्यानिकी ऋषिका त्रिपाठी, सहायक संचालक पशुपालन डॉ. नीता मनोचा सहित अन्य उपस्थित रहे।

किसानों को मखाना उत्पादन के लिए करें प्रोत्साहित

          बैठक में उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सहायक संचालक उद्यानिकी को जिले में उद्यानिकी फसलों के लिए उपयुक्त भूमि का चिन्हांकन कर रकबा बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्यानिकी फसलों की गिरदावरी भी सही तरीके से कराने को कहा। कलेक्टर ने विशेष रूप से मखाना की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहले उपयुक्त तालाबों का चयन किया जाए और इसके बाद किसानों को   मखाना उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने मत्‍स्‍य विभाग को  उद्यानिकी विभाग के साथ समन्वय कर उपयुक्त तालाबों को चिन्हित करने और उनमें मखाना की खेती शुरू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

केज कल्‍चर से बढ़ेगा मत्‍स्य पालन

          मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सहायक संचालक मत्स्य को तालाब पट्टों के आवंटन से संबंधित शिकायतों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए केज कल्चर विकसित करने पर भी जोर दिया।

गिरदावरी में बोई गई फसलों की सही जानकारी दर्ज करें

          कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री तिवारी ने उपसंचालक कृषि को निर्देशित किया कि जिले में इस वर्ष बोई गई अरहर, उड़द, मूंग, कोदो एवं रागी सहित अन्य फसलों की जानकारी पटवारी एवं तहसीलदारों के साथ साझा कर गिरदावरी में सही तरीके से दर्ज कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गिरदावरी के कार्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जिले में चना, मसूर एवं मटर जैसी दलहनी फसलों की बोनी के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने और इन फसलों का रकबा बढ़ाने के निर्देश दिए।

चना, अरहर और उड़द के बीज उत्पादन को दें बढ़ावा

          बैठक में कलेक्टर ने बीज उत्पादक समितियों के साथ समन्वय कर जिले में धान एवं गेहूं के साथ-साथ चना, अरहर एवं उड़द के बीज उत्पादन को प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने फसल विविधीकरण के अंतर्गत खाद्यान्न फसलों के स्थान पर सब्जी फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए किसानों को प्रेरित करने के निर्देश भी दिए। प्राकृतिक खेती की समीक्षा के दौरान उन्होंने कृषक सखी द्वारा बीआरसी के अंतर्गत तैयार किए जाने वाले प्राकृतिक खाद एवं दवाइयों के विक्रय से संबंधित डाटा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

कामधेनु योजना के लक्ष्यपूर्ति शीघ्र करें

          बैठक में पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री तिवारी ने सहायक संचालक पशुपालन को डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के निर्धारित लक्ष्यों को शीघ्र पूरा करने तथा अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने हिरण्यगर्भा योजना की समीक्षा करते हुए जिले की प्रत्येक गौशाला में शत-प्रतिशत एआई तथा सेक्स सॉर्टेड सीमेन कराने पर जोर दिया। साथ ही क्षीरधारा योजना के अंतर्गत पशुओं का टीकाकरण एवं बधियाकरण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कराने के निर्देश दिए।

पीएमएफएमई योजना का किसानों को दिलाएं लाभ

          बैठक के दौरान कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) शासन की महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने योजना के तहत शत-प्रतिशत एआईएफ कराने तथा अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को पॉली हाउस निर्माण के लिए भी प्रेरित करने को कहा। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि वे किसानों के साथ लगातार संवाद करें और योजनाओं की जानकारी दें, ताकि लाभान्वित किसान अन्य किसानों को भी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर सकें।

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