कटनी – तेज बुखार और दस्त से बेहाल 13 माह की नन्ही पूर्णिमा साहू जब जिला चिकित्सालय कटनी के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) पहुंची, तब उसके माता-पिता सुनील और खुशी साहू बेहद चिंतित थे। जांच में पूर्णिमा गंभीर निर्जलीकरण, तेज बुखार और गंभीर कुपोषण से पीड़ित पाई गई। लेकिन एनआरसी में शुरू हुए उपचार और मां की ममता ने उसके स्वस्थ बचपन की राह फिर आसान कर दी।एनआरसी की प्रभारी कशिश बत्रा के अनुसार पूर्णिमा को 31 जुलाई 2026 को भर्ती किया गया। उस समय उसका वजन 7.740 किलोग्राम, लंबाई 78 सेंटीमीटर और मध्य-ऊपरी बांह की परिधि 11.4 सेंटीमीटर थी। उसका वजन-आधारित पोषण स्तर -3 मानक विचलन था और वह बोतल के फॉर्मूला मिल्क पर निर्भर थी।
उपचार के साथ मां बनी स्वास्थ्य की सबसे मजबूत साथी
पूर्णिमा को प्रारंभिक उपचार के साथ F-75 आहार दिया गया। साथ ही उसकी मां खुशी को स्तनपान के महत्व, सही लैचिंग और कंगारू मदर केयर के लिए प्रोत्साहित किया गया। शुरुआत में चुनौतियां थीं, लेकिन मां ने प्रयास नहीं छोड़ा। स्वास्थ्यकर्मियों के मार्गदर्शन में धीरे-धीरे स्तनपान बेहतर हुआ और उपचार के आठवें दिन पूर्णिमा ने केवल मां का दूध लेना शुरू कर दिया।
बढ़ते वजन के साथ लौटती गई मुस्कान
लगातार उपचार और पोषण प्रबंधन का असर दिखाई दिया। 18 अगस्त 2026 को डिस्चार्ज के समय पूर्णिमा का वजन बढ़कर 8.160 किलोग्राम और पोषण स्तर -2 मानक विचलन हो गया।डिस्चार्ज के बाद भी एनआरसी की टीम ने नियमित फॉलोअप जारी रखा। पहले फॉलोअप में वजन 8.605 किलोग्राम, मध्य-ऊपरी बांह की परिधि 12.0 सेंटीमीटर और पोषण स्तर -1 मानक विचलन रहा। वर्तमान में पूर्णिमा का वजन 9.205 किलोग्राम हो गया है। जबकि मध्य-ऊपरी बांह की परिधि 13.4 सेंटीमीटर हो गई है


